सर्द मौसम का आनंद लेने के लिए प्रवासी पक्षियों ने जिले में मौजूद बांध, लेक और नदी पर डेरा डाल रखा है। एशियाई वॉटर बर्ड सेंसस (एडब्ल्यूसी) और वन विभाग ने पक्षी प्रेमियों ने दो दिन में सात स्थानों पर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का सर्वे कराया है। दो दिन चला सर्वे पूरा हो गया है। इस दौरान सबसे ज्यादा प्रवासी पक्षियों की प्रजाति पेहसारी डेम और उसके आसपास मिली है। तिघरा बांध पर पहली बार रेयर बर्ड क्रेस्टेड ग्रीब और नार्थन सावलर जैसा पक्षी नजर आया है। सर्वे के दौरान अधिक ऊंचाई तक उड़ने वाले पक्षी ‘बार हेडेड गूज’ और जापान का पक्षी ग्रेट कॉरमोरेंट मिला है। इसके साथ ही प्रवासी पक्षी ‘ ग्रेट क्रेस्टेड ग्रेब’ भी तिघरा बांध में मिला है। अभी सर्वे का दूसरा चरण शेष है। वह 17 जनवरी से शुरू होगा और दो दिन चलेगा।
अबकी बार बारिश दो गुना हुई है। इससे शहर एवं आसपास के बांध लबालब है। वाटर बॉडी में भरे पानी में अटखेलियां करते पक्षी रोज उतर रहे है। यहां उनको खाने के लिए छोटी-छोटी मछली एवं अन्य चीजें मिल रही है। ये मुख्य प्रवासी पक्षी मिले सर्वे के दौरान
सर्वे के दौरान प्रवासी पक्षी मिले हैं। इनमें मुख्य रूप से क्रेस्टेड ग्रीब, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, बार हेडेड गूज, सुर्खाब, ग्रे लेग गूज, रेड नेक्ड फाल्कन, ग्रेट थिक नी, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, ब्लैक हेडेड गल, गेड़वाल, ब्लैक स्टॉर्क, कॉमन क्रेन, कूट, स्पून बिल, ग्रेट कॉरमोरेंट (जापान से आता है), येलो वैगटेल, ब्लैक रेडस्टार्ट, ब्लू थ्रोट आदि शामिल है।


