एरोड्रम ट्रक हादसे के बाद शहर में भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए 34 नो इंट्री पॉइंट तय किए गए, लेकिन इनमें से 20 जगह संकेतक नहीं हैं। जहां लगे हुए थे, उन्हें व्यापारियों ने उखाड़कर फेंक दिया है। इससे अब भारी वाहन बेधड़क शहर में प्रवेश कर रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 5 महीने में 1500 से ज्यादा भारी वाहन पीक ऑवर्स में शहर में घुस चुके हैं। इनसे हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। ये वाहन तो सिर्फ वे हैं, जिनके चालान बनाए गए हैं, इसके अलावा कई वाहन हर दिन गुपचुप तरीके से शहर में इंट्री कर रहे हैं। दरअसल, पांच महीने पहले एरोड्रम क्षेत्र में ट्रक के नो-एंट्री में घुसने से बड़ा हादसा हो गया था। इसके बाद शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती की गई थी। 19 प्रमुख नो इंट्री क्षेत्र सहित कुल 34 पॉइंट तय किए गए थे, जहां भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था, लेकिन पांच महीने में ही यह सख्ती हवा हो गई। ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम में आपसी तालमेल नहीं होने से भी इस व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। दरअसल, निगम को नो इंट्री पॉइंट पर रेडियम रिफ्लेक्टर वाले स्टॉपर और संकेतक लगाने थे, लेकिन अब तक नहीं लग सके। इससे शहर में हर दिन बड़ी संख्या में भारी वाहन प्रवेश कर रहे हैं। ड्यूटी बदलते ही नो इंट्री में प्रवेश कर रहे वाहन
एरोड्रम हादसे के बाद 19 पॉइंट रेड जोन में थे, जहां विशेष सख्ती की गई थी। नो इंट्री बोर्ड के साथ ही संकेतक भी लगाए थे, लेकिन 5 पांच महीने बाद अब यहां से संकेतक के साथ ही बोर्ड भी हट गए हैं। जैसे ही तैनात जवान की ड्यूटी बदलती है, इस बीच भारी वाहन इन पॉइंट से शहर में प्रवेश कर लेते हैं। जवानों को उनके पीछे भागकर वाहनों को रोकना पड़ता है। संकेतक बोर्ड ही काट दिए कई जगह हार्डवेयर, क्रॉकरी, टाइल्स व दाल मिल कारोबारियों ने ट्रकों को रोकने के लिए निगम द्वारा लगाए नो-एंट्री बोर्ड ही काट दिए हैं। इससे भारी वाहन आसानी से शहरी क्षेत्र में घुस रहे हैं। जल्द लगाएंगे संकेतक
शहर में 34 नो-इंट्री पॉइंट चिह्नित किए हैं। इनमें से 20 पॉइंटों पर निगम को संकेत बोर्ड (रेडियम वाले) लगाने के लिए 3 महीनों से पत्राचार कर रहे हैं। अब हमने एसीपी ट्रैफिक को जनभागीदारी से ये बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही पुलिस ही सभी पॉइंटों पर नो-इंट्री के बड़े बोर्ड लगाएगी। – आनंद कलादगी, डीसीपी ट्रैफिक (प्रभारी) यहां से आ रहे भारी वाहन


