ब्यौहारी सिविल अस्पताल में एक युवक (35) की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। युवक के साथ आए परिजनों और दोस्तों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की भी की, और सरकारी काम में बाधा डाला। घटना की सूचना अस्पताल स्टाफ ने डायल 112 पर दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डॉक्टर बोले- अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत ब्यौहारी अस्पताल के डॉ. नागेंद्र कुशवाहा ने बताया कि ब्यौहारी नगर निवासी नीरज कोरी (35) को उसके परिजन और दोस्त अस्पताल लेकर आए थे। जांच के दौरान पाया गया कि युवक की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों के अनुसार, युवक लंबे समय से बीमार थे और हृदय रोग से पीड़ित था। ड्यूटी डॉक्टर के द्वारा युवक को मृत घोषित किए जाने की जानकारी मिलते ही साथ आए लोगों ने आक्रोशित होकर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने सबसे पहले अस्पताल के सामने लगे कांच के गेट को तोड़ा। इसके बाद ड्यूटी डॉक्टर नागेंद्र कुशवाहा के साथ गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की की गई। परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया शोर-शराबा सुनकर अन्य डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन हंगामा कर रहे लोग शांत होने को तैयार नहीं थे। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल स्टाफ ने डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी शव को लेकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद ड्यूटी डॉक्टर नागेंद्र कुशवाहा अन्य स्टाफ के साथ ब्यौहारी थाने पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने डॉक्टर की शिकायत पर संकर्षण कोरी, कैलाश कोरी, छोटू नामदेव, पुष्पा कोरी और मृतक नीरज कोरी के पिता सहित 7-8 अन्य लोगों के खिलाफ गाली-गलौज, शासकीय कार्य में बाधा और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि कुछ आरोपी नामजद हैं जबकि कुछ अज्ञात हैं, जिनकी पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है।


