सतना में इलेक्ट्रानिक तौल कांटों में वजन का हेरफेर:किसानों से प्रति बोरी 2.400 किलो तक अधिक वजन लिया, 10 से 50 रुपए प्रतिबोरी का नुकसान

सतना जिले के एक धान उपार्जन केंद्र में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान खरीदी में बड़ी अनियमितता सामने आई है। इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों में जानबूझकर हेरफेर कर किसानों से प्रति बोरी 400 ग्राम से लेकर 2.400 किलोग्राम तक अतिरिक्त वजन लिया जा रहा था। इससे किसानों को प्रति बोरी 10 रुपये से लेकर 53 रुपये तक का सीधा नुकसान हो रहा था। जांच में सामने आई गड़बड़ी
यह गड़बड़ी अपर कलेक्टर के निर्देश पर नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक पंकज बोरसे द्वारा की गई जांच में उजागर हुई। जांच के दौरान समिति के चार इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों पर 5 किलोग्राम का मानक बाट रखकर परीक्षण किया गया। चौंकाने वाले परिणाम सामने आए, क्योंकि किसी भी कांटे में बाट का वजन पूरा 5 किलोग्राम नहीं दर्शाया गया। बांट पर वजन कम दर्ज किया
जांच में पाया गया कि अलग-अलग कांटों में 5 किलोग्राम के बाट पर क्रमशः 300 ग्राम, 170 ग्राम, 60 ग्राम और 50 ग्राम की कमी दर्ज की गई। इस हेरफेर के कारण धान की 40 किलोग्राम की एक बोरी में किसानों से क्रमशः 2.400 किलोग्राम, 1.360 किलोग्राम, 480 ग्राम और 400 ग्राम अतिरिक्त वजन लिया जा रहा था। एमएसपी दर के अनुसार, यह गड़बड़ी किसानों को प्रति बोरी 10 रुपये से लेकर 53 रुपये तक की सीधी आर्थिक चपत लगा रही थी। 973 बोरी की तौल गलत माप पर की
सेवा सहकारी समिति सकरिया उपार्जन केंद्र (आईबी एसोसिएट) में अब तक 83,765 बोरी धान किसानों से खरीदी गई थी। इन बोरियों की तौल समिति के चार कांटों पर हुई, जिसमें प्रत्येक कांटे पर लगभग 20-21 हजार बोरियां तौली गईं। इस हिसाब से, इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों में हेरफेर करके किसानों से लगभग 973 क्विंटल धान अधिक ली गई। इसकी कीमत 2369 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार लगभग 23 लाख 5 हजार रुपये है।

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