भागीरथपुरा में 15 दिन बाद भी संकट टला नहीं है। रहवासी टैंकर और बोरिंग के भरोसे थे पर अब बोरिंग का पानी भी दूषित मिला है। इसके 35 सैंपल फेल हो गए हैं। इसके बाद क्षेत्र में मौजूद 116 सरकारी और करीब 400 निजी बोरिंग के पानी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पहले ही पानी की टंकी से होने वाली सप्लाय बंद कर दी गई थी। ज्यादातर इलाकों में अभी भी टैंकर से जल आपूर्ति की जा रही है। रविवार को सुबह से शाम तक 55 टैंकरों ने 250 से अधिक फेरे लगाकर क्षेत्र में पानी वितरण किया। रविवार को भी 112 टंकियों, नलों से आने वाले पानी और बोरिंग के सैंपल लिए गए। वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने निगमायुक्त व अधिकारियों के साथ बैठक कर इस समस्या का निराकरण करने के लिए सिस्टम बनाने के लिए कहा है। निगम व पीएचई के अधिकारी हर वार्ड में पानी की लाइनों का सर्वे करेंगे। इधर कोलकाता, दिल्ली और भोपाल से आई विशेषज्ञ टीम ने क्षेत्र में जांच शुरू कर दी है। कोलकाता के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैक्टीरियोलॉजी से आए वैज्ञानिक डॉ. प्रमित घोष और डॉ. गौतम चौधरी क्षेत्र से रैंडम सैंपल ले रहे हैं। वहीं भागीरथपुरा को 30 से अधिक जोन में बांटने की रणनीति तय की। स्वास्थ्य विभाग ने घर सर्वे और फॉलोअप तेज कर दिया है। रविवार को 2354 घरों का सर्वे किया गया और 9416 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। आज से 5 हजार घरों का डिजिटल सर्वे भागीरथपुरा के मामले में केंद्र सरकार भी अलर्ट मोड में आ गई है। इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने इस आउटब्रेक को लेकर कोबो टूल जारी कर दिया है। सोमवार से इलाके में 600 लोगों के अमले के साथ युद्धस्तर पर सर्वे शुरू होगा, ताकि बीमारी की पूरी तस्वीर एक ही प्लेटफॉर्म पर सामने आ सके। कोबो टूल एक ऑनलाइन मोबाइल एप है, जिसके जरिए डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। सर्वे के दौरान यह जानकारी फीड होगी कि घर में कौन बीमार है, इलाज चल रहा है या नहीं, क्लोरीनेशन किया गया या नहीं, ओआरएस दिया गया या नहीं। एक टीम एक घंटे में तीन से चार घरों तक पहुंचेगी। यह डेटा सीधे आईसीएमआर के सिस्टम तक पहुंचेगा, जिससे हर केस की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। इसके लिए 200 डॉक्टर, 200 नर्स और 200 आशा कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई गई हैं। कुल 200 टीमें करीब 5 हजार घरों का सर्वे करेंगी। मंत्री के बयान को अमानवीय बताया, एसडीएम निलंबित मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान को अमानवीय और निरंकुशता की निशानी बताते हुए आर्डर जारी करने वाले एसडीएम आनंद मालवीय और उनके बाबू अमित चौहान को उज्नैन संभागायुक्त आशीष सिंह ने निलंबित कर दिया है। कांग्रेस ने रविवार को प्रदर्शन की अनुमति के लिए एसडीएम मालवीय को आवेदन दिया था। उन्होंने इसे बिना पढ़े ज्यों का त्यों आदेश में लिख दिया।


