आगर मालवा के दीवानखेड़ी गांव में सोमवार सुबह करीब 10 बजे से ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे 552 जी पर स्थित इस गांव में भाजपा सोयतकलां के पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन सिंह गुंदलावदा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे नारेबाजी करते हुए बिजली विभाग पर तानाशाही रवैया और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से जर्जर और असुरक्षित विद्युत केबल लगी हुई हैं, जिन्हें बदलने की मांग वे लगातार कर रहे हैं। कुछ दिन पहले बिजली विभाग की लापरवाही के कारण एक युवती की करंट लगने से मौत हो गई थी। उस समय भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था, जिसे प्रशासन द्वारा जल्द सुधार के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और बिजली विभाग ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि दीवानखेड़ी की विद्युत केबल अब भी उसी खराब हालत में हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। मोहन सिंह गुंदलावदा ने चेतावनी दी कि यदि दोपहर 2 बजे तक विद्युत केबल नहीं बदली गईं, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होगी। इस धरने के कारण नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित होने की संभावना बनी रही। मौके पर स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशासनिक अमला सक्रिय है। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि जर्जर विद्युत केबल को जल्द से जल्द बदला जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान न जाए।


