रायसेन में लगातार तीसरे दिन सोमवार को बर्फीली हवाओं और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 25 मीटर से भी कम रह गई, वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। अत्यधिक ठंड को देखते हुए कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के सभी स्कूलों में 7 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है। जिले में बीती रात का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के तापमान में भी 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। पहले दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस था, जो अब घटकर 19 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। सड़कों पर रात भर गिरी ओस से नमी बनी रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में हुई भारी बर्फबारी के बाद जेट स्ट्रीम हवाएं मैदानी इलाकों से होते हुए जिले तक पहुंची हैं। इन्हीं सर्द हवाओं के साथ घना कोहरा छा गया, जिससे सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम रही और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। नमी के कारण फसलों पर असर
बदलते मौसम और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण चना, मसूर और सब्जी फसलों में कीट प्रकोप का खतरा बढ़ गया है। ठंडी हवाओं और तापमान में उतार-चढ़ाव से फसलों के झुलसने की आशंका भी बनी हुई है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. स्वप्निल दुबे ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में हल्की सिंचाई करें, जिससे नमी बनी रहेगी और पाले का असर कम होगा। डॉ. दुबे ने बताया कि पाले से बचाव के लिए खेतों में धुआं करने से ग्रीनहाउस प्रभाव बनता है, जिससे तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है और फसल सुरक्षित रहती है। देखिए आज सुबह के मौसम की तस्वीरें


