गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर इस बार पूर्वी सिंहभूम के पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पटमदा की छात्राएं बैंड का प्रदर्शन करेंगी। कर्तव्य पथ पर रोस्ट्रम में प्रदर्शन करने के लिए देश के तीन स्कूलों का चयन किया गया है, जिनमें झारखंड का यह स्कूल भी है। इसके लिए छात्राएं सोमवार को दिल्ली रवाना होंगी। इस स्कूल के पाइपर बैंड दल ने पिछले साल 22 दिसंबर को गुवाहाटी में आयोजित जोनल लेवल बैंड प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार जीता था। यह पहला मौका है, जब झारखंड की छात्राएं इस कार्यक्रम में बैंड की प्रस्तुति देंगी। रक्षा मंत्रालय हर साल गणतंत्र दिवस समारोह में स्कूली बैंड्स और सांस्कृतिक समूहों के प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्कूलों का चयन करता है। कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह में रोस्ट्रम वह मंच होता है, जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य अतिथि परेड देखने के लिए मौजूद रहते हैं। शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने निर्देश दिया है कि इन छात्राओं को हर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए, जिससे न केवल वे रोस्ट्रम में बेहतर प्रदर्शन करें, बल्कि 24 और 25 जनवरी को होने वाले राष्ट्रीय पाइप बैंड प्रतियोगिता भी जीत कर हमें गौरवान्वित करें। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन और एसपीडी शशि रंजन ने टीम को बधाई दी है। इन छात्राओं का हुआ चयन… झारखंड के इस बैंड दल में पार्वती महतो, आशा लता महतो, पिंकी, कल्याणी महतो, ममता महतो, बसंती महतो, वर्षा रानी मांझी, वसंती महतो, साधना महतो, सुभद्रा कर्मकार, रुपाली टुडू, प्रमिला महतो, रुमा महतो, कल्पना टुडू, पूजा रानी महतो, पूजा महतो, रिया महतो, छाया महतो, सविता महतो, उषारानी सोरेन, पल्लवी महतो, इबिल हांसदा, सुकर्माणि सोरेन, बरनाली मांझी शामिल हैं। यह सभी कक्षा 8वीं से कक्षा 12वीं तक की छात्राएं हैं। इनके साथ शिक्षिका सारो हांसदा, बैंड मास्टर प्रेम राणा, समन्वयक चंद्रदेव सिंह, पंजाब रेजीमेंट सेंटर के हवलदार जनरल सिंह और अमरवीर सिंह भी दल में शामिल होंगे। 2015 से झारखंड कर रहा था प्रयास राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड रोस्ट्रम में प्रदर्शन के लिए शिक्षा विभाग 2015 से लगातार प्रयास कर रहा था। राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन सोरेंग ने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पटमदा की बालिका बैंड टीम को सुरों की सटीकता और एकरूपता के कारण चुना गया। पाइप बैंड प्रतियोगिता सबसे पहले प्रखंड, फिर जिला और राज्य स्तर पर किया गया। राज्य स्तर पर चयनित टीम को जोनल लेवल प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला। कर्तव्य पथ पर इसी टीम की होगी प्रस्तुति


