8 जिलों में नए उद्योगों के लिए लैंड बैंक तैयार:एमपीआईडीसी ने 4 हजार एकड़ से अधिक जमीनें 125 उद्योगों को आवंटित की

इंदौर सहित प्रदेशभर में बढ़ रहे औद्योगिक निवेश को देखते हुए एमपीआईडीसी ने 17 हजार एकड़ का नया लैंड बैंक तैयार किया है। मालवा-निमाड़ के 8 जिलों में लगभग 17 हजार एकड़ का लैंड तैयार किया गया है। इसके साथ ही एमपीआईडीसी से मिली जानकारी के अनुसार साल 2025 में 4 हजार एकड़ से अधिक जमीनों का आवंटन 125 नए उद्योगों को किया है, जिसमें लगभग 22 हजार करोड़ रुपए के निवेश के साथ 66 हजार से अधिक को रोजगार मिलने का दावा किया गया है। इंदौर-पीथमपुर इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर, सेक्टर 7 और पीएम मित्र पार्क में भी बड़ी कंपनियों ने जमीनों का आवंटन करवाया है। एमपीआईडीसी के मुताबिक लगभग 17 हजार एकड़ का लैंड बैंक इंदौर-पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयार कर लिया है और लगातार नए उद्योगों को जमीनों का आवंटन किया जा रहा है। बीते वर्ष यानी 2025 की बात की जाए तो 4 हजार एकड़ से अधिक जमीनें सवा सौ नई औद्योगिक इकाइयों को आवंटित की गई, जिनमें 22 हजार करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है।
आईटी, टेक्सटाइल, गारमेंट, पेंट्स, डाटा सेंटर, लॉजिस्टिक, वेयर हाउस सहित अन्य तमाम प्रोजेक्ट आ रहे हैं। इतना ही नहीं, जो पीएम मित्र पार्क मध्यप्रदेश को मिला है, उसमें भी अरविन्द, बेस्ट लाइफ, जैन कोर्ड इंडस्ट्रीज से लेकर ट्राइडेंट जैसी बड़ी कंपनियों को जमीनें आवंटित की गई हैं। इन जिलों में इंदौर, देवास, धार, उज्जैन, बड़वानी, खंडवा, खरगोन व एक जिला और शामिल है। सेक्टर 7 में बड़ी कंपनियों को जमीन मिली
एमपीआईडीसी से मिली जानकारी के मुताबिक सेक्टर-7 में भी कई बड़ी कंपनियों जिनमें एशियन पेंट, न्यू जील, जेएसडब्ल्यू सहित कई बड़े निर्माताओं ने जमीनें आवंटित कराई है। वहीं पीथमपुर सेक्टर-7 में लैंड पुलिंग एक्ट पॉलिसी के तहत जमीन मालिकों को व्यवसायिक भूखंडों से लेकर अन्य आवंटन भी किए जा रहे हैं।
अभी तक 500 करोड़ रुपए से अधिक के भूखंड आवंटित हो चुके हैं। यहां पर भू-अर्जन के लिए 80-20 का फॉर्मूला अपनाया गया है। 20 प्रतिशत राशि नकद मुआवजे के रूप में और 80 प्रतिशत का मुआवजा जमीन के बदले व्यवसायिक-आवासीय और अन्य उपयोग के विकसित भूखंडों को आवंटित कर किया जा रहा है।

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