भिंड में शीत लहर और कोल्ड डे के चलते कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए कलेक्टर द्वारा दो दिन का अवकाश बढ़ाया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आई। जिले में कई कोचिंग सेंटर और कुछ बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों में छोटे बच्चों की नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इससे प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ गया है। मामले को लेकर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने कलेक्टर करोड़ी लाल मीणा को ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज कराई है। एसोसिएशन का कहना है कि कोल्ड डे अवकाश के बावजूद बच्चों को पढ़ाई के लिए बुलाया जा रहा है, जिससे अभिभावकों में भ्रम और दबाव की स्थिति बन रही है। कई माता-पिता मजबूरी में बच्चों को कोचिंग भेज रहे हैं, क्योंकि आसपास के अन्य सेंटर खुले हुए हैं। विभाग ने 11 स्कूल कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया
ज्ञापन में बताया गया कि इससे पहले भी शिक्षा विभाग ने निरीक्षण के दौरान 11 बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों और कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किए थे। इन संस्थानों ने शपथ पत्र देकर विद्यालय समय में कोचिंग न चलाने का वादा किया था, लेकिन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। कोल्ड डे के स्पष्ट आदेश के बावजूद कक्षाएं जारी रखना गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। एसोसिएशन ने कार्रवाई की मांग
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने मांग की है कि जिले में 50 से कम छात्र मैपिंग वाले निजी विद्यालयों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और विद्यालय समय में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कोचिंग संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही नवोदय व सैनिक स्कूल की तैयारी के नाम पर छोटे बच्चों को लंबे समय तक पढ़ाने वाली अव्यवस्थित कोचिंगों पर भी कार्रवाई की जाए।जिलाध्यक्ष अवधेश शर्मा ने कहा कि सख्त निगरानी और कार्रवाई नहीं हुई तो बच्चों का स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों प्रभावित होंगे।


