यूपी के 6 आरोपियों ने की थी ज्वैलर से लूट:30 लाख की जब्ती, 2 आरोपी पकड़े, 2 महीने किराए के मकान में रहकर की थी रेकी

जबलपुर में भूरा ज्वेलर्स के मालिक से लूट के 20 दिन बाद 2 आरोपी पुलिस के हाथ लगे हैं। घटना 16 दिसंबर 2025 को शाम 7 बजे पनागर में हुई थी। यहां भूरा ज्वेलर्स के मालिक के साथ बंदूक की नोक पर 6 लोगों ने लूट की थी। लुटेरों ने भूरा सोनी और उनके भतीजे कान्हा पर हथौड़ी से हमला किया। कान्हा के पीठ पर एक गोली भी लगी थी। इसके बाद 750 ग्राम सोने के जेवरात, 10 किलो चांदी के जेवरात छीनकर भाग गए थे। एडिशनल एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि भूरा ज्वेलर्स के मालिक सुनील सोनी अपने भतीजे कान्हा के साथ 4 बैग लेकर रोड के पार गली में बने अपने घर पर स्कूटर रखकर जा रहे थे। इन बैग में जेवरात और कैश भरा था। इसी दौरान 6 लुटेरे आए और हमला कर दिया। मारपीट और फायर भी की। पुलिस अधीक्षक ने एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज से लेकर तमाम जानकारियां जुटाईं। इसी बीच एडिशनल एसपी पल्लवी शुक्ल को एक मुखबिर ने जानकारी दी। उसने बताया कि जो लुटेरे हैं वो उत्तर प्रदेश के हैं। पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश पहुंची। वहां एक संदेही दीपक त्रिपाठी को पकड़ा। उससे पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच की टीम को महाराष्ट्र के नागपुर के लिए लिए रवाना किया था। वहां दूसरा संदेही गोविंद पांडेय पकड़ाया। इन दोनों संदेहियों को थाना पनागर लाया गया। पूछताछ की गई तो पता चला कि इस वारदात में 6 आरोपी शामिल हैं। दीपक त्रिपाठी, गोविंद पांडेय, सत्येंद्र तिवारी, रवि पासी, वीरेंद्र यादव और रंजीत यादव। इन्हीं ने घटना को अंजाम दिया था। अभी तक दो आरोपी दीपक त्रिपाठी और गोविंद पांडेय को गिरफ्तार किया है। दोनों से लगभग 150 ग्राम सोना, साढ़े 3 किलो चांदी और एक लाख रुपए नकद बरामद किया जा चुका है। एक अन्य आरोपी वीरेंद्र यादव ने 23 दिसंबर को प्रतापगढ़ में किसी अन्य अपराध में न्यायालय में सरेंडर किया है। पनागर पुलिस उसे भी प्रोटेक्शन वारंट पर यहां लाएगी। शेष जो तीन आरोपी बचे हैं पुलिस इनकी भी तलाश कर रही है। 2 महीने किराए के कमरे में रहकर की थी रेकी
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ के बताया कि जो उनका साथी वीरेंद्र यादव है। उसने 2 महीने पहले से इस क्षेत्र में रहकर रेकी शुरू कर दी थी। उसने दीनदयाल चौराहे के पास एक कमरा किराए पर ले रखा था। साल 2023 में गोसलपुर में एक ज्वेलरी व्यापारी के साथ इसी तरह की घटना को अंजाम दिया था। मामले में भी आरोपी दीपक त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था। ये जो गैंग है, उसने नागौर के भी इसी तरह की लूट को अंजाम दिया था। उत्तर प्रदेश में भी ये इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। ये पहले इलाके की रेकी करते हैं। टारगेट बनकर ज्वेलर को देखते हैं कि ये कब कैसे दुकान से निकल रहा है, कहां जा रहा है। इसके बाद घटना को अंजाम दे देते हैं। इस तरह की वारदातों को ये पूरे देश में अंजाम दे चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया है कि आरोपी वीरेंद्र यादव ने ज्वेलर पर फायर किया था। सभी आरोपी प्रयागराज और उसके आसपास के जिलों से संबंधित हैं। घटना में उपयोग की गई अपाचे और स्प्लेंडर बाइक को भी बरामद किया है। पूछताछ में ये जानकारी भी लगी है जो वीरेंद्र यादव शातिर चोर है। घटना में जो 3 बाइक यूज की गई थीं वो चोरी की ही थीं। एक दिन पहले भी किया था चोरी का प्रयास
लुटेरों ने इससे एक दिन पहले 15 दिसंबर को भी लूट का प्रयास किया था। ये घटना स्थल पर पहुंच भी गए थे लेकिन वहां पुलिस का 112 वाहन खड़ा था इसलिए वापस लौट आए। इसके बाद भेड़ाघाट की एक धर्मशाला में रुके थे। फिर 16 दिसंबर को घटना को अंजाम दिया। आरोपियों के खिलाफ 310(2),109(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।

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