उज्जैन में अब लग रहे हैं सोलर ट्रैफिक सिग्नल:सिंहस्थ की तैयारी, AI से नियंत्रित होंगे, बिजली जाने पर भी नहीं रुकेगा ट्रैफिक

उज्जैन में अब ट्रैफिक सिग्नल सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। इससे बिजली गुल होने पर भी यातायात व्यवस्था बाधित नहीं होगी, जिससे चौराहों पर लगने वाले जाम और अफरा-तफरी से निजात मिलेगी। सिंहस्थ 2028 और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए उज्जैन की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। इसी क्रम में शहर में सौर ऊर्जा से चलने वाले ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं। नानाखेड़ा स्थित सी-21 मॉल के सामने लगे सिग्नल सहित चार अन्य स्थानों पर इनकी शुरुआत की गई है। ये सिग्नल फिलहाल टेस्टिंग मोड में हैं और जल्द ही पूरी तरह चालू हो जाएंगे। पुलिस मुख्यालय की पहल पर यह योजना प्रदेश के पांच शहरों – उज्जैन, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में लागू की गई है। उज्जैन में पहले चरण में चार प्रमुख चौराहों पर सोलर पैनल से संचालित ट्रैफिक सिग्नल स्थापित किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने जानकारी दी कि घासमंडी सांदीपनि चौराहा, सी-21 मॉल के सामने नानाखेड़ा, दौलतगंज चौराहा और खाकचौक चौराहा पर सोलर पावर से चलने वाले सिग्नल लगाए गए हैं। इन सिग्नलों में बैटरी बैकअप भी है, जिससे बिजली कटौती के दौरान भी ये लगातार चालू रहेंगे। प्रत्येक सोलर ट्रैफिक सिग्नल की स्थापना पर लगभग 14 लाख रुपए की लागत आई है। इन चार नए सिग्नलों के जुड़ने से उज्जैन में अब कुल ट्रैफिक सिग्नल पॉइंट की संख्या 20 हो गई है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और अधिक सुचारु तथा सुरक्षित होने की उम्मीद है। इन सिग्नलों की एक प्रमुख विशेषता यह है कि ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से लैस हैं। सिग्नल पर लगे कैमरों के माध्यम से यह सिस्टम वाहनों के दबाव का आकलन करेगा और जिस दिशा में वाहनों की संख्या अधिक होगी, उस दिशा में ग्रीन सिग्नल का समय स्वतः बढ़ा देगा।

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