धार में दूषित पानी की समस्या को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एडीएम संजीव केशव को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पेयजल व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की गई। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर ने बताया कि नियमानुसार शहर में पानी की नियमित जांच होनी चाहिए, लेकिन धार में यह प्रक्रिया नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर का एकमात्र फिल्टर प्लांट पिछले एक साल से बंद पड़ा है, फिर भी उसी व्यवस्था से पानी की आपूर्ति की जा रही है। ठाकुर ने बताया कि धार शहर की लगभग 80 प्रतिशत जल आपूर्ति तालाबों पर निर्भर है। कांग्रेस ने जनसुनवाई में कई बार बदबूदार और गंदे पानी की शिकायत की है, यहां तक कि पाइपलाइन से कीड़े निकलने की शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं। हालांकि, प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। आरोप- एक साल से गंदा पानी पिलाया जा रहा
अजय सिंह ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि फिल्टर प्लांट क्षेत्र से सीवरेज युक्त पानी शहर में सप्लाई किया जा रहा है। कांग्रेस द्वारा प्रशासन को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट है कि पिछले एक साल से धार शहर की जनता को सीवरेज का पानी मिल रहा है, जिससे त्वचा रोग और एसिडिटी जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। कांग्रेस ने एडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में 10 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को बदलना, पानी की टंकियों की नियमित सफाई और जांच करना, एक साल से बंद पड़े फिल्टर प्लांट की जांच कर उसे शीघ्र चालू करना, पानी को ब्लीचिंग डालकर शुद्ध करना और शहर में मौजूद लगभग 60 प्रतिशत पुरानी पाइपलाइनों की मरम्मत कराना शामिल है। ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रतिनिधि मौजूद रहे। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि पेयजल व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करेंगे। ॉ देखिए तस्वीरें…


