भिंड शहर से होकर गुजर रहे नेशनल हाईवे-719 के बायपास पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर अब आवाज तेज होने लगी है। सोमवार को भारतीय पूर्व सैनिक संगठन के प्रतिनिधियों ने भिंड कलेक्टर करोड़ीलाल मीणा से मुलाकात कर शहरी क्षेत्र में दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। संगठन की ओर से 18 चक्का और 22 चक्का जैसे डंपर व कंटेनर वाहनों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी ज्ञापन सौंपा गया। पूर्व सैनिक संगठन से जुड़े सेवानिवृत्त सैनिक सुनील शर्मा ने बताया कि ग्वालियर-भिंड हाईवे का यह बायपास पूरी तरह शहरी क्षेत्र में आता है। सड़क की चौड़ाई करीब 30 फीट है और अतिक्रमण के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जानलेवा साबित हो रही है। बायपास पर सीतानगर, शारदा टॉकीज सहित कई इलाकों में जलभराव की समस्या बनी रहती है, जो दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 5 जनवरी को बायपास रोड पर दौलतपुरा-मिहोना मोड़ के पास हुए हादसे में मिहोना मिलेट निवासी ममता कुशवाह (55 वर्ष) और उनके पुत्र छोटे कुशवाह की मौत हो गई। मृतक परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, ऐसे में शासन स्तर से तत्काल मुआवजा दिलाने की मांग भी की गई है। पूर्व सैनिकों ने यह भी मांग उठाई कि ग्वालियर-भिंड हाईवे-719 के निर्माण कार्य में भू-अर्जन सहित अन्य प्रक्रियाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। उनका कहना है कि हाईवे का निर्माण पूर्ण होने के बाद बायपास पर दुर्घटनाओं में कमी आएगी और शहरी यातायात को भी राहत मिलेगी। संगठन का तर्क है कि यदि दिन के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाती है तो भविष्य में होने वाली कई बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। ज्ञापन सौंपते समय समाजसेवी सुनील फौजी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।


