जॉइनिंग के लिए चक्कर काट रहे ठेका नर्सिंगकर्मी:हाईकोर्ट का आदेश लेकर हॉस्पिटल अधीक्षक से मिले, जेके लोन सुपरिटेंडेंट ने कहा, लीगल सेल करेगा निर्णय

जेके लोन हॉस्पिटल में ठेके पर लगे 21 नर्सिंगकर्मी पिछले 6 महीने से जॉइनिंग के लिए इधर उधर चक्कर काट रहे है। आज हाईकोर्ट का आदेश लेकर दो वकीलो के साथ हॉस्पिटल अधीक्षक से मिले। और फिर से जॉइन कराने की मांग की। हॉस्पिटल अधीक्षक ने लीगल सेल से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया। ठेका नर्सिंगकर्मी फैय्याज खान ने बताया कि हॉस्पिटल कई नर्सिंगकर्मी संविदा पर लगे थे। जिन्हें ठेका फर्म ने जून व जुलाई 2025 का भुगतान नही किया था। वेतन भुगतान की मांग को लेकर ठेके पर लगे नर्सिंगकर्मियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया था। जिसके बाद ठेका फर्म ने बिना नोटिस दिए नर्सिंगकर्मियों को हटा दिया था। इस निर्णय के खिलाफ 21 ठेका नर्सिंगकर्मियों ने जोधपुर हाईकोर्ट की शरण ली। ​​​​​​सेकेट्री मेडिकल हेल्थ जयपुर, सेकेट्री फाइनेंस जयपुर, प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज कोटा, जेके लोन अधीक्षक कोटा, ठेका फर्म रक्षक सिक्योरिटी प्रा.लि समेत 32 को पार्टी बनाया। कोर्ट ने 16 दिसंबर को ठेका नर्सिंगकर्मियों के पक्ष में निर्णय दिया और 4 सप्ताह में फिर से जॉइनिंग देने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के ऑर्डर की कॉपी के साथ कोटा के दो वकीलो को लेकर जेके लोन अधीक्षक से मिले। लेकिन उन्होंने मामला लीगल सेल का बताते हुए जॉइनिंग करवाने से इनकार कर दिया। ठेका नर्सिंगकर्मियों के वकील कुंज बिहारी सिंघल ने कहा कि आज साथी वकील धर्मेंद्र अग्रवाल के साथ हाईकोर्ट के ऑर्डर लेकर जेके लोन हॉस्पिटल गए। पहले तो हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने मुलाकात का वक्त नही दिया। जैसे ही ऑफिस के बाहर नोटिस चस्पा किया तो तुरंत मिलने के लिए चेंबर में बुला लिया। हॉस्पिटल अधीक्षक ने हाईकोर्ट के आदेश की पालना नहीं की। और लीगल सेल का मामला बताया। जबकि ऑर्डर में प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज कोटा, जेके लोन अधीक्षक व ठेका फर्म रक्षक सिक्योरिटी प्रा.लि को 4 सप्ताह में जॉइनिंग कराने के निर्देश दे रखे है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज कोटा की प्रिंसिपल डॉ. संगीता सक्सेना ने कहा कि ये प्लेसमेंट एजेंसी का मेटर है। जेके लोन अधीक्षक डॉ निर्मला शर्मा ही इस बारे में बता पाएगी। वो ही इसमें डिसीजन लेंगी। जेके लोन अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने कहा कि नर्सिंगकर्मी प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए लगे थे। प्लेसमेंट एजेंसी ने ही हटाया है। हॉस्पिटल का कोई लेना देना नहीं है। अभी हाईकोर्ट का कोई नोटिस हॉस्पिटल को नहीं मिला। ये लोग जरूर हाईकार्ट की कॉपी लेकर आए थे। ये पूरा मामला स्टेट लीगल सेल के पास है। जवाब भी उन्हें ही देना है। लीगली जब हॉस्पिटल में नोटिस आएगा तो उच्चाधिकारियों के निर्देश की पालना की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *