कटनी जिला अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में खराब स्ट्रेचरों की तेज आवाज, कंबलों की कमी और स्टाफ की कमी से मरीजों और उनके परिजन परेशान हैं। अस्पताल में मौजूद कई स्ट्रेचर जर्जर हालत में हैं। जब मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड ले जाया जाता है, तो स्ट्रेचर से तेज खड़खड़ाहट की आवाज आती है। यह शोर पूरे परिसर में सुनाई देता है। परिजनों का कहना है कि यह आवाज मरीजों के लिए काफी परेशान करने वाली है। बीमार मरीजों पर ज्यादा असर डॉक्टरों के अनुसार माइग्रेन, दिल और सांस की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए यह शोर और ज्यादा नुकसानदायक है। तेज आवाज से मरीजों की बेचैनी बढ़ जाती है और उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत होती है। ठंड में कंबलों की कमी स्थानीय लोगों ने बताया कि जिले में इन दिनों तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल में भर्ती कई मरीजों को कंबल नहीं मिल पा रहे हैं। मजबूरी में मरीजों के परिजनों को घर से कंबल और गर्म कपड़े मंगवाने पड़ रहे हैं। पैरामेडिकल स्टाफ की कमी अस्पताल परिसर में स्ट्रीट डॉग का घूमना भी चिंता का विषय बना हुआ है। कई बार ये वार्डों तक पहुंच जाते हैं, जिससे मरीजों में डर बना रहता है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों और परिजनों का कहना है कि एक तरफ बीमारी का दर्द है और दूसरी तरफ स्ट्रेचरों का डरावना शोर। शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सिविल सर्जन बोले- अस्पताल में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर इस संबंध में सिविल सर्जन यशवंत वर्मा ने बताया कि अस्पताल में स्ट्रेचर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। जो स्ट्रेचर खराब हो जाते हैं, उनकी समय-समय पर मरम्मत कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में कंबलों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और जरूरत के अनुसार मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।


