मेवात के बाद अब दूसरे शहरों के ठग राजधानी को ठगी का हॉट स्पॉट बना रहे हैं। दूसरे जिलों के युवक शहर के बाहरी क्षेत्र में किराए के मकान लेकर ठगी के कॉल सेंटर चला रहे हैं। यहां के सबसे ज्यादा ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए ठगी कर रहे हैं। वहीं इनके अलावा तीन गिरोह और सक्रिय हैं, इनमें ई-मित्र संचालकों को अतिरिक्त सेवाएं देने का झांसा देकर, नकली बाल व दाढ़ी लगाकर भविष्य बताने का झांसा देकर और एक गिरोह ठगी के ट्रांजेक्शन करने के लिए किराए के बैंक उपलब्ध कराने का काम कर रहा था। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत पुलिस पिछले एक सप्ताह में 12 जगह कार्रवाई कर 59 ठगों को पकड़ चुकी हैं। कॉल सेंटर पर कॉल टेकर के रूप में काम कर रही लड़कियां भी मिली हैं। राजधानी में अब तक करधनी, कालवाड़, हरमाड़ा, करणी विहार, बिन्दायका, झोटवाड़ा, शिप्रापथ, विद्याधर नगर व खोह नागोरियान में कार्रवाई हुई है। ठगों के बैंक खाते व यूपीआई अकाउंट्स ट्रांजेक्शन चेक किया तो सामने आया कि पिछले एक साल में ठग 200 करोड़ से ज्यादा के ट्रांजेक्शन कर चुके। यहां-यहां हुई कार्रवाई 80 बदमाशों के पास अकाउंट मिले है। जिन्हें पुलिस ने सीज करवा दिए।
पुलिस इनके बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है। यहां कॉल सेंटर पर काम करने के लिए 10 लड़कियां भी लगा रखी थी। जिनकी भूमिका की जांच की जा रही हैं। ठगों के जहां से कॉल जनरेट हो रहे, वहीं दबिश देकर पकड़ रहे हैं “देशभर में लगातार बढ़ रही साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए देशभर की सभी एजेंसियों ठगी से संबंधित डाटा शेयर करना शुरू कर दिया। साइबर ठगी के संबंध में किसी भी जगह पर शिकायत दर्ज होती हैं तो संबंधित एजेंसी उसका डेटा नेशनल साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर को भेजते है। हमारी साइबर सैल उसी डेटा का एनालिसिस कर साइबर में बैठकर सक्रिय ठगों की लोकेशन ट्रेस करते हैं, जहां से ठगों के कॉल जनरेट हो रहे है। टीमें उसी जगह दबिश देकर इन्हें पकड़ रही है।”
-बीजू जॉर्ज जोसफ, पुलिस कमिश्नर


