डायन कुप्रथा का पूरी तरह उन्मूलन जरूरी : डीसी

भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिला उपायुक्त डॉ. ताराचंद की अध्यक्षता में सोमवार को पंचाइत कर गोइठ” कार्यक्रम का 21वां संस्करण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के सभी पंचायतों के मुखियाओं को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाना है। इन क्षेत्रों में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुरीतियों के उन्मूलन के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है तथा पथ निर्माण और पेयजल से जुड़ी समस्याओं को चिन्हित कर उनका समाधान किया जा रहा है। उपायुक्त ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि किसी भी पंचायत में यदि उम्र की जानकारी होते हुए भी बाल विवाह का मामला सामने आता है, तो संबंधित सभी लोगों पर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। डायन प्रथा को केवल एक अंधविश्वास बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी को डायन कहना अपराध है और इस कुप्रथा का पूरी तरह उन्मूलन जरूरी है। कार्यक्रम में उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा आदिम जनजाति एवं पीवीटीजी समूह के युवाओं के लिए एक विशेष पहल की जा रही है। इसके तहत युवाओं को भारी वाहन चालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, साथ ही प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा मोटर मैकेनिक का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे युवा अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें। धान अधिप्राप्ति को लेकर उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिले में 25 धान अधिप्राप्ति केंद्र निर्धारित हैं, जिनमें अधिकांश केंद्रों पर गोदाम की पर्याप्त व्यवस्था है। किसानों से अपील की गई कि वे पंजीकरण कराकर नजदीकी केंद्रों पर ही धान बेचें। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन के पास पर्याप्त मात्रा में कंबल उपलब्ध हैं। जरूरतमंद और असहाय लोगों को चिन्हित कर कंबल उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि सुदूरवर्ती पेशरार प्रखंड की सभी पंचायतों में सरकारी योजनाओं का सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

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