श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गायब 328 पावन स्वरूपों के मामले में एसआईटी ने एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह को समन जारी कर जांच में सहयोग देने को कहा है। उन्हें सिट के समक्ष जल्द से जल्द पेश होने की हिदायत भी दी गई है। जारी समन में कहा गया कि जांच में एसजीपीसी द्वारा सिट अधिकारियों को कोई सहयोग प्रदान नहीं किया जा रहा है, जबकि एसजीपीसी को इससे पहले लिखे पत्रों में सहयोग की अपील की गई थी। इसी बीच एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित करार दिया है। उन्होंने कहा है कि मामले का राजनीतिकरण कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 के तहत एसजीपीसी और श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पूर्व 16 आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। यहां तक कि कइयों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था, पर सरकार की शह पर सिख सद्भावना दल के प्रमुख सेवादार भाई बलदेव सिंह वडाला राजनीति से प्रेरित होकर सिट के जरिए एसजीपीसी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करवाने पर वाजिद हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हथकंडे अपनाकर आप सरकार फिर से सत्तारूढ़ होने के सपने देख रही है, जबकि उनका यह सपना साकार होना संभव नहीं है। लोगों का ध्यान भटकाने और एसजीपीसी-अकाली दल को जनता में बदनाम करने के लिए यह सब किया जा रहा है।


