चित्तौड़गढ़| विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग केंद्र सरकार, अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान अधिवेशन संस्थान व सीएएस विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान अधिवेशन लखनऊ-कानपुर में हुआ। विज्ञान अधिवेशन 2024 का मुख्य विषय था “वैश्विक कल्याण के लिए वैश्विक अनुसंधान, इसका आयोजन हमारी भारतीय पारंपरिक प्रथाओं, जमीनी स्तर के नवाचारों, विज्ञान में आम लोगों के योगदान के साथ-साथ समकालीन विज्ञान में शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के वैज्ञानिक योगदान को एकीकृत और प्रदर्शित करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करने के इरादे से किया गया। शेखावाटी साइंस एकेडमी, विद्या विहार के जीव विज्ञान व्याख्याता डॉ मोहम्मद यासीन ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय विज्ञान अधिवेशन का शुभारंभ यूपी लोक सेवा आयोग सदस्य डॉ. ए. के. वर्मा, सीएएस विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आंनद कुमार सिंह व नेपाल से डॉ. सुशीलादेवी श्रेष्ठा की उपस्थिति में हुआ। प्रबुद्धजनों ने शोधार्थियों के कार्य का अवलोकन कर जिले के प्रतिभागी दल के साथ वार्तालाप कर प्रोत्साहित किया। स्थानीय विद्या विहार स्कूल के दल ने इस अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अधिवेशन की थीम के अनुरूप जिले के शोधार्थियों के दल ने वैश्विक स्तर की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा ही नहीं की गई वरन् उनके समाधान के लिए कई उपाय भी सुझाए। दल के लौटने पर विद्या विहार संस्थान के प्राचार्य अनिरुद्ध वत्स, वी.एस. चौहान व मुकेश जाखड़ ने शोधार्थियों डॉ. मोहम्मद यासीन, नेहा दशोरा, डॉ. नाज़नीन शेख, मोहम्मद ताहिर, युधिष्ठिर धाकड़, प्रद्युम्नसिंह, पीयूष धाकड़, चिराग शर्मा आदि का स्वागत किया।


