ये है एग्री वोल्टङ्क। यानी दोहरे उपयोग वाला सोलर प्लांट। सागर शहर से 5 किमी दूरा कनेरादेव के जंगल में इसे 15 एकड़ में स्थापित किया है। ये मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा सौर खेती प्लांट है। इसकी खासियत है कि सोलर प्लांट लगाने के बाद भी इस जमीन का उपयोग खेती के लिए किया जा सकता है। अभी यहां पूरे 15 एकड़ में स्ट्रॉबेरी, हरा गोभी, शिमला मिर्च, गेहूं की खेती की जा रही है। अब अगले एक सप्ताह में प्लांट चालू होते ही ये रोज 20 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन भी करेगा। बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद भी वहां खेती पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 17 करोड़ रुपए की लागत में बनकर तैयार हुआ प्लांट कनेरादेव से 2 किमी आगे सागर के उद्योगपति मनोज जैन का 100 एकड़ का फार्म हाउस है। यहां 15 एकड़ जमीन पर खरे एनर्जी ने इसे बनाया है। प्रमोटर मनीष खरे ने बताया- इसकी लागत 17 करोड़ रुपए आई है। हमने टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में खुद के फार्म हाउस में 8 एकड़ में एग्री वोल्टाइक सोलर प्लांट लगाया, जो अब तक प्रदेश का सबसे बड़ा ऐसा प्लांट था लेकिन अब ये हो गया है। कनेरादेव के जंगल में 15 एकड़ में फैला सोलर प्लांट, इसे बनाने में एक साल लगा। फोटो | मनुज नामदेव


