आदिवासी बहुल डौंडी ब्लॉक मुख्यालय में वर्षों से लंबित व्यवहार न्यायालय की स्थापना की मांग अब व्यापक जनआंदोलन का रूप लेने लगी है। इसी कड़ी में व्यापारी संघ डौंडी और सरपंच संघ ब्लॉक ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चिखलाकसा में प्रस्तावित व्यवहार न्यायालय का स्थान डौंडी तहसील मुख्यालय में बदलने की मांग की है। संगठनों ने कहा कि डौंडी ब्लॉक को 20 से 25 वर्ष पूर्व तहसील का दर्जा मिला था, इसके बावजूद यहां न रजिस्ट्रार कार्यालय की स्थापना हो सकी और न ही व्यवहार न्यायालय संचालित हो पाया। प्रदेश के लगभग सभी ब्लॉक मुख्यालयों में यह सुविधा मौजूद है, जबकि बालोद जिले का यह आदिवासी ब्लॉक मुख्यालय आज भी बुनियादी न्यायिक सुविधाओं से वंचित है। व्यापारी संघ और सरपंच संघ ने बताया कि डौंडी ब्लॉक मुख्यालय 62 ग्राम पंचायतों का राजस्व नगर है। न्यायालय की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीण, आदिवासी नागरिक, महिलाएं और व्यापारी छोटे-मोटे मामलों के लिए भी दूरस्थ स्थानों की यात्रा करने को मजबूर हैं। चेतावनी भी दी गई है कि यदि डौंडी में व्यवहार न्यायालय की स्थापना शीघ्र नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। यह मांग पहले भी उप मुख्यमंत्री अरुण साव को पत्र के माध्यम से सौंपकर अवगत कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने जिला प्रशासन से जनहित और आदिवासी क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए चिखलाकसा में प्रस्तावित न्यायालय को तहसील मुख्यालय डौंडी में ही स्थापित करने की मांग की।


