राजस्थान के नागौर और डीडवाना-कुचामन जिले में सर्दी और शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासनों ने छोटे बच्चों को राहत दी है। नागौर जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने कक्षा 5वीं तक और डीडवाना-कुचामन कलेक्टर डॉ. महेन्द्र खड़गावत ने कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 6 जनवरी से 8 जनवरी तक तीन दिवसीय शैक्षणिक अवकाश घोषित किया है। डीडवाना, कुचामन और परबतसर में कोहरे का पहरा क्षेत्र में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। डीडवाना-कुचामन जिला मुख्यालय सहित कुचामन सिटी और परबतसर में बीती रात से ही घना कोहरा छाया रहा। यहां दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर महज 50 मीटर रह गई, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, नावा सिटी में आज मौसम में हल्का सुधार देखा गया और कल के मुकाबले कोहरा कम होने से यातायात सामान्य रहा। नागौर और मकराना में मौसम साफ एक ओर जहां कुछ कस्बे कोहरे की चादर में लिपटे रहे, वहीं नागौर जिला मुख्यालय हल्के कोहरे और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित रहा वहीं मकराना में मौसम साफ बना रहा। नागौर शहर में कल दिनभर खिली चटख धूप ने लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत दी, हालांकि सुबह मुख्यालय और निकटवर्ती ईनाणा गांव में हल्का कोहरा देखा गया। मकराना में भी आज आसमान साफ रहा और धूप निकलने से तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। आदेश की अवहेलना पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टरों द्वारा जारी आदेश सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं यथावत संचालित होंगी। यदि कोई शिक्षण संस्थान छोटे बच्चों के लिए जारी इस अवकाश की अवहेलना करता है, तो उसके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यातायात और जनजीवन पर असर नावा और आसपास के क्षेत्रों में कोहरे की तीव्रता कम होने से विजिबिलिटी में सुधार हुआ है, जिससे आज वाहन चालकों को दिन में हेडलाइट जलाकर चलने की जरूरत नहीं पड़ी। हालांकि, प्रशासन ने अभिभावकों और वाहन चालकों को सुबह के समय सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि ग्रामीण इलाकों में कोहरा अचानक गहरा सकता है।


