डीडवाना उपखंड के नजदीकी ग्राम दौलतपुरा में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक साथ 12 राष्ट्रीय पक्षी मोरों के शव बरामद हुए। इतनी बड़ी संख्या में राष्ट्रीय पक्षियों की मौत से वन्यजीव प्रेमियों में भारी रोष और शोक व्याप्त है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। दौलतपुरा के पास 12 मोर मृत मिले हैं। हमने पोस्टमॉर्टम करवाकर जरूरी सैंपल जांच के लिए भिजवा दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। मेडिकल बोर्ड से हुआ पोस्टमॉर्टम वन विभाग की रेंजर ममता के नेतृत्व में टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और सभी 12 मोरों के शवों को कब्जे में लिया। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडिकल टीम को बुलाया और मौके पर ही पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करवाई। विभाग ने विसरा और अन्य जरूरी सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिए हैं। मौत की गुत्थी उलझी: जहर, शिकार या बीमारी? फिलहाल मोरों की मौत का सटीक कारण रहस्य बना हुआ है। ग्रामीणों में चर्चा है कि मोरों को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जहरीला दाना खिलाया गया हो सकता है। वहीं, कुछ लोग इसे अवैध शिकार से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, वन विभाग के अधिकारी किसी संक्रामक बीमारी की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे हैं। सख्त कार्रवाई की मांग स्थानीय ग्रामीणों और वन्यजीव रक्षा समितियों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच और क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि यह मामला शिकार या जहर देने का पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


