डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने कहा है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश की तो यह सैन्य गठबंधन NATO का अंत होगा। एक टीवी इंटरव्यू में फ्रेडरिकसन ने कहा कि अगर अमेरिका किसी NATO सदस्य देश पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो NATO की पूरी व्यवस्था ही खत्म हो जाएगी। कुछ भी नहीं बचेगा। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने रविवार को दिए एक बयान में ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कही थी। वे वेनेजुएला पर किए हमले को लेकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान ट्रम्प ने कहा था कि वह 20 दिन में ग्रीनलैंड पर बात करेंगे। इससे पहले भी वह कई बार ग्रीनलैंड को अमेरिका के कंट्रोल में लाने की बात कर चुके हैं। ग्रीनलैंड, डेनमार्क का एक स्वायत्त इलाका है, जो नाटो का हिस्सा भी है। ट्रम्प ने सैन्य कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। ग्रीनलैंड PM बोले- हमारा देश बिकने वाला नहीं ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नीलसन ने कहा कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति ग्रीनलैंड को वेनेजुएला से जोड़कर सैन्य हस्तक्षेप की बात करते हैं, तो यह न केवल गलत है बल्कि हमारे लोगों के प्रति अनादर है। नीलसन ने 4 जनवरी को बयान जारी कर कहा- मैं शुरू से ही शांत और स्पष्ट रूप से यह कहना चाहता हूं कि घबराहट या चिंता का कोई कारण नहीं है। केटी मिलर के पोस्ट से, जिसमें ग्रीनलैंड को अमेरिकी झंडे में लिपटा हुआ दिखाया गया है, इससे कुछ भी नहीं बदलता। अमेरिकी अधिकारी की पत्नी के पोस्ट से भड़का विवाद वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के ठीक बाद व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी स्टीफन मिलर की पत्नी कैटी मिलर ने सोशल मीडिया पर ग्रीनलैंड का नक्शा अमेरिकी झंडे के रंग में रंगा हुआ पोस्ट किया। इससे यह विवाद और बढ़ गया। मिलर ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा “जल्द ही”। इससे ग्रीनलैंड और डेनमार्क में अमेरिकी कब्जे की आशंकाएं बढ़ गईं। ट्रम्प लंबे समय से ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की बात करते रहे हैं। जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, खनिज संसाधनों और आर्कटिक क्षेत्र में रूस-चीन की गतिविधियों का हवाला दिया है। इससे पहले मार्च में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने ग्रीनलैंड के एक अमेरिकी सैन्य अड्डे का दौरा किया था और डेनमार्क पर वहां कम निवेश करने का आरोप लगाया था। जानिए अमेरिका को ग्रीनलैंड से क्या फायदा


