जगराओं में किसानों ने बिजली विभाग का घेराव किया:चिप वाले मीटर जमा कराने पहुंचे, अधिकारी दफ्तर से गायब हुए

जगराओं में सिधवा बेट इलाके के किसानों ने चिप वाले बिजली मीटरों के विरोध में जगराओं एक्सईएन कार्यालय का घेराव किया। भारतीय किसान यूनियन डकोदा के नेतृत्व में किसानों ने धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि चिप वाले मीटर किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। किसान नेताओं ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए कि गुप्त साजिश के तहत, बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के मीटर बदले जा रहे हैं। किसान नेता जसविंदर सिंह ने बताया कि सलेमपुरा और भमाल गांवों में रातों-रात पुराने मीटर हटाकर चिप वाले मीटर लगा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने तानाशाही और गैरकानूनी कार्रवाई करार दिया। चिप वाले मीटर लेकर पहुंचे किसान किसानों ने बताया कि बलवीर सिंह, मनजिंदर सिंह और हरनेक सिंह सहित कई गांववासियों ने चिप वाले मीटर उतारकर सिधवा बेट बिजली विभाग के दफ्तर में जमा कराने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद, 31 दिसंबर को किसान जगराओं एक्सईएन गुरप्रीतसिंह के दफ्तर पहुंचे, जहां उन्हें 6 जनवरी की तारीख दी गई। 6 जनवरी को जब किसान मीटर जमा करवाने पहुंचे, तो एक्सईएन गुरप्रीत सिंह छुट्टी पर थे। उनकी कुर्सी पर रायकोट के एक्सईएन कुलवंत सिंह बैठे थे, जिन्होंने किसानों को गुमराह करने की कोशिश की। किसानों का आरोप है कि पहले उन्हें मीटर इकट्ठा करने को कहा गया, लेकिन जब मीटर इक्कठा करने लगे, तो अधिकारियों ने कथित तौर पर सरकार के इशारे पर आनाकानी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ते देख एक्सईएन कार्यालय से चले गए। 40 चिप वाले मीटरों की दो सूचियां बनाईं किसानों ने मौके पर करीब 40 चिप वाले मीटरों की दो सूचियां तैयार कीं। एक सूची मीटरों के साथ एक्सईएन की मेज पर रखी गई, जबकि दूसरी सूची किसानों ने अपने पास सुरक्षित रख ली। इसके अतिरिक्त, भविष्य में किसी भी अधिकारी द्वारा इनकार न किया जा सके, इसके लिए हर मीटर की वीडियो रिकॉर्डिंग कर पुख्ता सबूत भी तैयार किए गए। धरने के दौरान किसानों ने अपने भाषणों में अधिकारियों को भी चेताया। किसानों ने साफ कहा कि अगर पंजाब में चिप वाले मीटर लागू हुए तो सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि बिजली विभाग के कर्मचारियों की नौकरियां भी खतरे में पड़ जाएंगी। चिप मीटर किसानों के हितों पर सीधा हमला हैं और इसे किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दिया जाएगा। एवरेज बिल का खुला बहिष्कार किसानों ने ऐलान किया कि जिन घरों से चिप वाले मीटर उतारे गए हैं, वहां पुराने मीटर दोबारा लगने तक बिजली सप्लाई सीधी चलती रहेगी। अगर बिजली विभाग की ओर से एवरेज बिल भेजे गए और वह ज्यादा पाए गए तो एक भी पैसा जमा नहीं किया जाएगा। केवल जायज़ और सही बिल ही स्वीकार किए जाएंगे। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि यह लड़ाई अब केवल मीटरों की नहीं, बल्कि किसानों के हक़, रोज़गार और सम्मान की लड़ाई बन चुकी है। जरूरत पड़ी तो यह संघर्ष पंजाब से निकलकर पूरे देश तक फैलाया जाएगा।

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