मनरेगा विरोध पर गृहमंत्री विजय शर्मा का पलटवार:कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप, कहा- ‘नाम नहीं, काम बदला है’

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के ‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ पर पलटवार किया है। उन्होंने दुर्ग स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मनरेगा का ‘नाम नहीं, काम बदला है’। शर्मा ने VB-G RAM G (विकसित भारत–ग्राम-जी) अधिनियम 2025 का बचाव किया और गांधी, राम तथा ग्रामीण विकास को लेकर कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जानबूझकर भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा, “नाम नहीं बदला गया है, काम बदला गया है। मनरेगा के माध्यम से अब तक अधिकतर मिट्टी और गड्ढे आधारित काम ही होते रहे हैं। सवाल यह है कि कब तक गांवों को उसी दौर में रखा जाएगा?” गृहमंत्री बोले- कांग्रेस असल मुद्दों से भटकाना चाहती है शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि जब देश का एक लाख करोड़ रुपये हर साल इस योजना में खर्च होता है और यह राशि जल्द ही डेढ़ लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने वाली है, तो गांवों में ठोस इंफ्रास्ट्रक्चर दिखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया, इतना पैसा अगर देश का जा रहा है तो गांवों की सड़क, जल संरचना, सुरक्षा और आजीविका क्यों विकसित न हो? कांग्रेस द्वारा 5 जनवरी 2026 से देशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ की घोषणा पर पलटवार करते हुए विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस असल मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गांधी के नाम पर योजनाएं तो चलाईं, लेकिन गांधी जी के विचारों के अनुरूप कभी काम नहीं किया। शर्मा ने आगे कहा कि अब जब गांवों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की बात हो रही है, तो उन्हें दिक्कत हो रही है। योजना का पक्ष: VB-G RAM G अधिनियम 2025 की प्रमुख बातें उप मुख्यमंत्री ने योजना की विस्तार से जानकारी दी और इसे मनरेगा का उन्नत स्वरूप बताया। उन्होंने कहा कि मनरेगा में जहां 100 दिन का रोजगार मिलता था, वहीं VB-G RAM G अधिनियम के तहत 125 दिन का कानूनी रूप से सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। 7 दिन में मजदूरी भुगतान शर्मा ने बताया कि मजदूरी भुगतान अब 7 दिनों के भीतर अनिवार्य होगा। देरी होने पर मजदूर को अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिसे उन्होंने मजदूरी पर ब्याज बताया। चार फोकस क्षेत्र और फर्जीवाड़े पर लगाम उप मुख्यमंत्री के अनुसार, नए अधिनियम के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन—इन चार क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा।उन्होंने दावा किया कि इससे मनरेगा में सामने आने वाले फर्जी मास्टर रोल, मशीनों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार पर स्वतः रोक लगेगी।

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