अबूझमाड़ के घोर दुर्गम इलाकों में स्थित तुलार धाम शिव मंदिर तक पहुंचना अब पहले से आसान होने जा रहा है। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा से लगे अबूझमाड़ क्षेत्र में ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन का इंतजार किए बिना खुद श्रमदान कर नदी-नालों में पुल-पुलिया का निर्माण कर दिया है। थुलथुली, बोंडोसी, कोहकाबेड़ा, बुडदुम, तोड़मा, मंगनार सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या का समाधान अपने स्तर पर किया है। भैरमगढ़ ब्लॉक के तुषवाल पंचायत अंतर्गत आश्रित ग्राम बुडदुम के ग्रामीणों ने खास तौर पर माघ पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर्व को ध्यान में रखते हुए गुडरा नदी पर अस्थायी पुलिया तैयार की है। इन पर्वों पर तुलार धाम में दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नदी में पानी रहने के कारण हर साल बाइक खराब होने, लोगों के फिसलने और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से करीब 50 मीटर लंबी जुगाड़ पुलिया बनाकर इस समस्या से राहत दिलाई है। सरपंच शंकर मंडावी ने बताया कि बुडदुम और आसपास के गांवों का जिला मुख्यालय बीजापुर है, जहां पहुंचने के लिए करीब 150 किलोमीटर का कठिन सफर तय करना पड़ता है। इसी दुर्गमता के कारण अधिकारी गांव तक आने से कतराते हैं।


