राग पहाड़ी में सजाया गीतों और गजलों का गुलदस्ता:संगीत निर्देशक वत्सल अनुपम के निर्देशन में युवा गायिका साधना रावल ने दी प्रस्तुति

शास्त्रीनगर स्थित साइंसपार्क ऑडिटोरियम सोमवार की शाम सुरों और गजलों के मनमोहक संगम से सराबोर हो गया। युवा गायिका साधना रावल ने अपनी सुरीली आवाज और बेहतरीन प्रस्तुति से राग पहाड़ी पर आधारित गीतों और गजलों का ऐसा गुलदस्ता सजाया, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन संगीत आश्रम संस्था की ओर से किया गया। संगीत निर्देशक वत्सल अनुपम के निर्देशन में सजे इस लाइट म्यूजिक कॉन्सर्ट में साधना रावल ने फिल्मों के सदाबहार गीतों और प्रसिद्ध शायरों की अनरिकॉर्डेड गजलों को सुर, लय और ताल की उम्दा बानगी के साथ पेश किया। साधना ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत गजल ‘चांद फिर निकला…’ और ‘हर ज़ुल्म तेरा याद आया…’ से की। इन गजलों में सुरों के ठहराव और लगाव ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद उन्होंने ‘चौदहवीं का चांद हो…’, ‘सुहानी रात ढल चुकी…’, ‘रहें न रहें हम…’, ‘इशारों इशारों में दिल…’, ‘पत्ता पत्ता बूटा बूटा…’, ‘कभी-कभी मेरे दिल में…’, ‘बड़े अच्छे लगते हो…’ और ‘हुस्न पहाड़ों का…’ जैसे सुपरहिट गीतों की सुमधुर प्रस्तुति दी। कोरस में कशिश कंवर और भूमिका राठौर ने स्वर दिए। संगीत में हबीब खान ने की-बोर्ड, अनुपम निर्वाण ने इलेक्ट्रॉनिक पैड और वत्सल अनुपम ने गिटार पर शानदार संगत की। कार्यक्रम का संचालन वीना अनुपम ने किया, जबकि अंत में संस्था के सचिव अमित अनुपम ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

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