रायसेन में चल रही रामलीला में मंगलवार को कलाकारों ने मेघनाथ वध और सती सुलोचना की आकर्षक लीला का मंचन किया। मेघनाथ और सती सुलोचना की भूमिका निभाने वाले कलाकारों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुत की गई लीला के अनुसार, लंकापति रावण की आज्ञा पर इंद्रजीत मेघनाथ अपनी धर्मपत्नी सुलोचना को सूचित कर युद्धभूमि के लिए प्रस्थान करता है। उसने लक्ष्मण को युद्ध के लिए ललकारा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच रणभूमि में देर तक युद्ध चला। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भयंकर युद्ध
मेघनाथ ने अपनी मायावी शक्तियों का प्रयोग किया, लेकिन सफलता न मिलने पर वह रावण के पास लौटा। रावण ने उसे पुनः रण मैदान में भेजा। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भयंकर युद्ध हुआ, जिसमें लक्ष्मण ने मेघनाथ का वध कर दिया। इस दौरान मेघनाथ का शीश राम दल में गिरा, जबकि उसकी भुजा सती सुलोचना के आंगन में जा गिरी। सखियों द्वारा सूचना मिलने पर सुलोचना को पहले विश्वास नहीं हुआ, परंतु भुजा पर लिखे संदेश से उसे मेघनाथ के वध की पुष्टि हुई। सती सुलोचना के इस मार्मिक प्रसंग को सुनकर दर्शक भी भावुक हो गए। इसके बाद सती सुलोचना लंकापति रावण और मंदोदरी के पास पहुंचीं और राम दल में जाने की अनुमति मांगी। इस आकर्षक प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक रामलीला मैदान में मौजूद रहे। अहिरावण वध प्रसंग लीला का मंचन कल
रामलीला समिति के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बुधवार को अहिरावण वध प्रसंग की लीला का मंचन किया जाएगा। रावण वध का मुख्य कार्यक्रम 9 जनवरी को होगा। रामलीला मेला समिति के अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी ने बताया कि रावण वध के मुख्य कार्यक्रम में इस बार पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी मुख्य अतिथि होंगे।


