जिले के सबसे बड़े गवर्नमेंट अमृतकौर अस्पताल में पिछले करीब दो महीने से सीटी स्कैन मशीन बंद पड़ी है। इस कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों, विशेषकर गंभीर रोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीटी स्कैन सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में सीटी स्कैन कराने पर मरीजों को लगभग तीन हजार रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कई मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क या रियायती दर पर जांच सुविधा नहीं मिलने से इलाज में भी अनावश्यक देरी हो रही है। अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती एक वृद्ध महिला के पौत्र विजयसिंह ने बताया कि उसकी दादी खटिया से गिर गई थीं और डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी थी। सीटी स्कैन कक्ष पहुंचने पर मशीन खराब होने की जानकारी मिली। मजबूरी में उन्हें निजी क्लिनिक से सीटी स्कैन कराना पड़ा, जिसमें करीब तीन हजार रुपए खर्च हुए। विजयसिंह ने आरोप लगाया कि इस स्थिति का लाभ निजी क्लिनिक उठा रहे हैं, जबकि अस्पताल प्रशासन मशीन को ठीक कराने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि सीटी स्कैन मशीन को शीघ्र दुरुस्त कर पुनः चालू की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। अस्पताल पीएमओ डॉ. एस.एस. चौहान ने बताया कि सीटी स्कैन मशीन 25 वर्ष से ज्यादा पुरानी है। यह पीपीडी मोड पर दे रखी है। पिछले एक महीने से खराब है। इस मशीन के पार्ट्स नहीं मिलने के कारण मरीजों को जरूर परेशानी उठनी पड़ रही है। हालांकि इस मशीन के बारे में सभी उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।


