उत्तर पश्चिम रेलवे हेडक्वार्टर के जवाहर सर्कल स्थित कार्यालय में सोमवार शाम सहायक कार्यालय अधीक्षक नरसी मीणा (59) ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। उनका शव कार्यालय के बेसमेंट में बने स्टोर रूम में मिला। साथी कर्मचारियों का कहना है कि नरसी मीणा लंबे समय से काम के दबाव और छुट्टी न मिलने के कारण तनाव में थे। जवाहर सर्कल थाना पुलिस के थाना अधिकारी विनोद सांखला ने बताया- नरसी मीणा सुबह ड्यूटी पर आया थे और शाम में बेसमेंट में बने स्टोर रूम में चपरासी से चाभी लेकर सोने चला गया। उन्होंने अपना मोबाइल किसी अन्य कर्मचारी को दे दिया था। शाम को जब परिजनों ने उनके बारे में जानकारी मांगी, तब जाकर सुसाइड का खुलासा हुआ। शव को कब्जे में लेकर जयपुरिया हॉस्पिटल की मोर्चरी में भिजवा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सहकर्मियों ने लगाए आरोप पुलिस की प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि सहकर्मियों के अनुसार नरसी मीणा लगातार छुट्टी के लिए अधिकारियों से अनुरोध कर रहे थे, लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं दी गई। इसके कारण वह मानसिक तनाव में थे। नरसी मीणा के रिटायरमेंट(59)में एक साल औैर बचा था। लेकिन छुट्टियां नहीं मिलने के कारण मानसिक तनाव में थे। कर्मचारी संगठनों ने की कार्रवाई की मांग रेलवे कर्मचारी संगठनों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठनों ने आरोप लगाया है कि काम का अत्यधिक दबाव और प्रशासन की उपेक्षा कर्मचारियों की मानसिक स्थिति पर असर डाल रही है। पुलिस ने बताया कि नरसी मीणा जयपुर निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सुसाइड के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।


