धान उपार्जन केंद्र में गुणवत्ता उल्लंघन,10 हजार बोरे धान जब्त:बेमेतरा में अधिकारी बोले- गुणवत्ता मानकों के पालन के लिए की गई कार्रवाई

बेमेतरा के धान उपार्जन केंद्र गाड़ाडीह में मंगलवार को खाद्य, राजस्व, मंडी और सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण और जांच की। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासन ने तुरंत कड़ी कार्रवाई की। जांच में उपार्जन केंद्र में रखे गए 5 स्टैक मोटा धान की जांच की गई, जिसमें पुराना धान और अमानक श्रेणी का नया धान मिश्रित पाया गया। गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर टीम ने कुल 10,000 बोरे धान को अस्थायी रूप से जब्त करते हुए उनके परिवहन पर रोक लगा दी। किसानों के हित और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्राथमिकता अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई किसानों के हित की रक्षा, उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और शासन की ओर से निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन के लिए की गई है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि धान की गुणवत्ता मानक से कम थी, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की संभावना थी। पुराना और खराब धान बरामद जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उपार्जन केंद्र में बड़े पैमाने पर पुराना धान खपाने का प्रयास किया गया। नए धान की गुणवत्ता भी अत्यंत खराब पाई गई। टीम द्वारा लिए गए नमूनों में अधिक नमी, टूटन, कचड़ा, मिट्टी और अन्य अपशिष्ट पदार्थ पाए गए, जो गुणवत्ता मानकों का स्पष्ट उल्लंघन हैं। जिला प्रशासन की चेतावनी जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और अन्य उपार्जन केंद्रों में भी सतत निरीक्षण और निगरानी जारी रहेगी। गाड़ाडीह धान खरीदी केंद्र में 5,000 क्विंटल पुराना धान मिला बेमेतरा के धान उपार्जन केंद्र गाड़ाडीह में खाद्य, राजस्व और मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने जांच की। जांच में पता चला कि खरीदी केंद्र के प्रभारी ने किसानों से बीते रबी सीजन का पुराना धान खरीद कर स्टैक में रखा था। जिला खाद्य अधिकारी ओंकार ठाकुर ने बताया कि टीम ने पुराने धान के स्टैक की पूरी चेकिंग और बोरे की गिनती की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि समिति ने बड़े पैमाने पर पुराना धान खरीदकर परिवहन के लिए फड़ में स्टैक लगा दिया था। जांच में शामिल अधिकारी और टीम जांच में तहसीलदार साजा बेमेतरा, कृषि उपज मंडी के सचिव नरेठी, और फूड इंस्पेक्टर अमित तिवारी की टीम शामिल रही। जांच और गिनती कार्यवाही देर रात तक जारी रही। इस कार्रवाई के बाद से धान खरीदी केंद्र के प्रभारी में हड़कंप मचा हुआ है। धान की क्वालिटी चिंताजनक जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि दिन भर की जांच में लगभग 5,000 क्विंटल पुराना धान पाया गया। इस धान की क्वालिटी घटिया, नमी अधिक और बदबूदार थी। जांच पूरी होने के बाद समिति के फंड में रखे गए संविधान स्टेट की गिनती पूर्ण की जाएगी। इसके बाद प्रकरण तैयार कर कलेक्टर को जानकारी भेजी जाएगी। अन्य केंद्रों में सतत निरीक्षण खाद्य अधिकारी ओंकार ठाकुर ने बताया कि पूरे जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में सतत निरीक्षण और क्वालिटी जांच जारी रहेगी। टीम सुनिश्चित करेगी कि नए और पुराने धान का सही रिकॉर्ड और गुणवत्ता बनाए रखा जाए।

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