जिले में कड़ाके की ठंड को देखते उज्जैन कलेक्टर ने लगातार तीसरे दिन भी सभी निजी और शासकीय स्कूलों का अवकाश घोषित किया है। उज्जैन जिले में शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। अत्यधिक ठंड और शीतलहर का बच्चों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव होने की आशंका के मद्देनजर कलेक्टर रौशन सिंह ने बुधवार को भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। निर्देशानुसार नर्सरी से आठवीं कक्षा तक जिले में संचालित सभी शासकीय एवं निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिये बुधवार को अवकाश रहेगा। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका है पारा उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।


