17 साल से कला शिक्षकों का संघर्ष:60 मीटर कैनवास पर चित्र बनाकर और लोक नृत्य से की नौकरी की मांग

राजस्थान में कला शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक अनूठा आंदोलन चल रहा है। सोमवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर प्रदेश भर से आए बेरोजगार कला शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एक कलात्मक धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 60 मीटर लंबे कैनवास पर चित्रकारी की और संगीत वाद्ययंत्रों के साथ अपनी मांगों को गीतों के माध्यम से प्रस्तुत किया। कला शिक्षा में फर्जीवाड़ा बन्द करो……. कला शिक्षकों भर्ती करो.. वही दुसरा गीत अररररर.. मुख्यमंत्री भजन जी कला शिक्षकों को नौकरी लगा दो …. म्हाने करी ली एम.ए. पास .. के साथ राजस्थान वेशभूषा में राजस्थानी परंपरा को जीवंत करते हुए लोकनृत्य, कच्ची घोड़ी नृत्य, भवाई नृत्य का प्रर्दशन किया। यह आंदोलन पिछले 17 वर्षों से चल रहा है। दरअसल, राजस्थान सरकार ने 1992 में एक विवादास्पद आदेश के तहत कला शिक्षकों के पद समाप्त कर दिए थे। इसके बाद से राजकीय विद्यालयों में कक्षा 10 तक अनिवार्य कला शिक्षा के लिए न तो शिक्षक हैं, न पुस्तकें हैं, और न ही उचित शिक्षण व्यवस्था है। इसके बावजूद छात्रों को 100 अंकों की अंक तालिका में ग्रेड जारी किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने की योजना बनाई है। उनकी चेतावनी है कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे मंत्रियों के आवास के बाहर भी इसी तरह के कलात्मक प्रदर्शन करेंगे। उल्लेखनीय है कि यह आंदोलन पूरी तरह से अहिंसात्मक है और कला के माध्यम से अपनी बात रखने का एक अनूठा प्रयास है। केन्द्र सरकार द्वारा कला शिक्षा के शिक्षण प्रोत्साहन के लिए शिक्षा विभाग राज्य सरकार भेजा गया बजट विवरण मुख्य मांगे राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 10 तक अनिवार्य कला शिक्षा (चित्रकला व संगीत) विषय के बिना शिक्षण, पुस्तक, बिना सैद्धांतिक व प्रायोगिक उत्तर पुस्तिकाओं और बिना कला शिक्षकों के किये जा रहे फर्जी मूल्यांकन पर तत्काल रोक लगाने की मांग माननीय हाईकोर्ट राजस्थान जयपुर द्वारा विमल शर्मा बनाम राजस्थान सरकार अन्य के मामले में 1 मई 2018 वर्ष 2018 और 3 दिसम्बर 2024 को वर्ष 2024 में पारित निर्णय आदेश की पालना सुनिश्चित कर प्रदेश के नामांकित राजकीय विद्यालयों में अनिवार्य कला शिक्षा (चित्रकला व संगीत) के शिक्षण के लिए कला शिक्षकों की नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग। आगामी बजट में राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 10 तक अनिवार्य कला शिक्षा चित्रकला व संगीत विषय के शिक्षण हेतु पृथक से कला शिक्षकों के द्वितीय व तृतीय श्रेणी के पद सृजित कर नियमित भर्ती शुरू करने प्रावधान कर भर्ती शुरू करने की मांग। कक्षा 9,10 की अनिवार्य कला शिक्षा ( चित्रकला व संगीत) पुस्तक “कला कुन्ज” को निशुल्क वितरण सूची में सम्मिलित कर राजकीय विद्यालय में हर वर्ष नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर पुस्तक मुद्रण व वितरण करने की मांग। केन्द्र सरकार द्वारा भेजे गये करोड़ों के बजट से बने राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में तैयार आर्ट एण्ड क्राफ्ट रूमों में विद्यार्थिर्यो के लिए कला शिक्षा विषय का शिक्षण शुरू करने की सुनिश्चितता करने करने की मांग। राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं,10वीं की अनिवार्य कला शिक्षा विषय की वर्ष 2007-2008 से पूर्व की भांति समान परीक्षा योजना में सम्मिलित कर परीक्षा कराने की मांग। राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 6,7,8वीं में अनिवार्य कला शिक्षा की एनसीईआरटी पुस्तकों को लागू कर मुद्रण व नि:शुल्क वितरण करने की मांग

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