सरिस्का में सीटीएच व बफर क्षेत्र निर्धारण के लिए 9 जनवरी को विशेष ग्राम सभाएं

भास्कर न्यूज| अलवर सरिस्का टाइगर रिजर्व के विस्तार और संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी की अनुशंसाओं के अनुपालन में 9 जनवरी को संबंधित ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं होंगी। ग्राम सभा में वन विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे, जो प्रस्तावित नक्शों और क्षेत्र का विवरण प्रस्तुत करेंगे। यदि कोई ग्रामीण इस सीमा निर्धारण से कोई आपत्ति है या कोई सुझाव देना चाहता है, तो वह उसी समय सभा में अपनी बात रख सकता है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 9 जनवरी के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी सुझाव या आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। अपील की गई है कि क्षेत्र के निवासी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय हितों के बीच उचित समन्वय बनाया जा सके। प्रमुख बिंदु: क्यों हो रही हैं ये ग्राम सभाएं? वन विभाग ने सरिस्का के लिए 9091.22 हेक्टेयर क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट और 4753.63 हेक्टेयर बफर क्षेत्र का प्रस्ताव तैयार किया है। वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 38 (V) के तहत इस प्रकार के बदलावों के लिए स्थानीय ग्राम सभाओं से परामर्श करना अनिवार्य है। इन सभाओं का उद्देश्य ग्रामीणों से सुझाव, परामर्श या आपत्तियां प्राप्त करना है ताकि संरक्षण प्रक्रिया पारदर्शी रहे। नेता प्रतिपक्ष ने कलेक्टर को दिया प्रतिवेदन, प्रक्रिया रोकने की मांग : राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरिस्का टाइगर रिजर्व के 4,839.07 हेक्टेयर सीटीएच को बफर एरिया में बदलने के प्रस्ताव पर कड़ा विरोध जताया है। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर अलवर को एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपकर इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है। जूली ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राज्य सरकार का यह कदम 17 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के दिए गए आदेशों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटीएच वे क्षेत्र हैं जिन्हें बाघों के संरक्षण के लिए वैज्ञानिक आधार पर अक्षुण्ण रखना अनिवार्य है। नेता प्रतिपक्ष ने आशंका जताई है िक इस भौगोलिक बदलाव का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की 50 से अधिक बंद पड़ी खदानों को फिर से शुरू करना है। मालाखेड़ा : माधोगढ़, पृथ्वीपुरा, बालेटा राजगढ़ : बलदेवगढ़, तिलवाड़, टोडा जयसिंहपुरा, खोह दरीबा, राजोरगढ़, टहला, नांडू, मल्लाना, बीघोता, गोलाकाबास, धीरोडा। उमरैण : ढहलावास, हाजीपुर, बख्तपुरा, अकबरपुर, खेड़का, कस्बा डेहरा, उमरैण, सावड़ी, जटियाना। थानागाजी : पिपलाई, जोधाबास, भूड़ियाबास, मैंजोड़, किशोरी, बामणबास, सीलीबावड़ी, अजबगढ़, दुहारमाला।

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