भास्कर न्यूज | बाड़मेर बाड़मेर में मुमुक्षु दिव्या बोथरा का वर्षीदान वरघोड़ा सोमवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाला गया। रेन बसेरा के पीछे से प्रारंभ हुए इस वरघोड़े का आयोजन पुखराज मेवाराम भंसाली परिवार द्वारा किया गया, इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। मुमुक्षु परिवार के दर्शन भंसाली ने बताया कि सांसारिक मोह-माया का त्याग कर संयम पथ अंगीकार करने जा रहीं दीक्षार्थी दिव्या बोथरा पुत्री मीनादेवी–सुरेशकुमार बोथरा का वर्षीदान वरघोड़ा सोमवार सुबह 11 बजे रेन बसेरा के पीछे स्थित निवास से रवाना हुआ। यह वरघोड़ा शहर के जीरावल्ला मंदिर, नेत्र ज्योति चिकित्सालय, विद्यापीठ मंदिर, चिंदरियों की जाल, ढाणी बाजार, पीपली चौक व प्रतापजी पोल होते हुए आराधना भवन पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ। वरघोड़े में सबसे आगे ढोल-वादकों की टोलियां, उनके पीछे श्रावक-श्राविकाएं, दीक्षार्थी का रथ तथा महिलाओं की सहभागिता आकर्षण का केंद्र रही। मुमुक्षु दिव्या बोथरा रथ पर सवार होकर वर्षीदान करती रहीं, वहीं श्रद्धालुओं ने दीक्षार्थी अमर रहे के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। युवा वर्ग पूरे उत्साह के साथ झूमता नजर आया। खरतरगच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभसूरीश्वर की आज्ञा से आगामी 16 जनवरी को सूरत में दीक्षार्थी दिव्या बोथरा, आचार्य जिनमनोज्ञसूरीश्वर एवं उपाध्याय प्रवर मनितप्रभसागर के हाथों से दीक्षा ग्रहण करेंगी तथा साध्वी सुलोचना की शिष्या बनेंगी। वरघोड़े के समापन के पश्चात कैलाशचंद्र, पुखराज, रमेशकुमार पुत्र मेवाराम भंसाली परिवार द्वारा मुमुक्षु दिव्या बोथरा एवं उनके माता-पिता मीनादेवी–सुरेशकुमार बोथरा का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर भंसाली परिवार सहित बाड़मेर नगर के नागरिक, महिलाएं एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बाड़मेर. वरघोड़े के दौरान रथ पर सवार मुमुक्षु व आगे चल रहे श्रद्धालु।


