सुप्रीम कोर्ट का निर्णय झारखंड सरकार की न्यायप्रिय व पारदर्शी नीतियों की जीत : निशांत

गढ़वा | झारखंड छात्र मोर्चा के जिलाध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने कहा कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय झारखंड सरकार की न्यायप्रिय और पारदर्शी नीतियों की जीत है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा मामले में उच्चतम न्यायालय ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखने और चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने के निर्णय का झारखंड छात्र मोर्चा ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों युवाओं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार की अटूट प्रतिबद्धता की जीत है। सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार की नीतियां पारदर्शी, कानून सम्मत और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को समर्पित हैं। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि नियुक्ति प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहेगी, जिससे चयनित अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है और उनका व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि विपक्षी ताकतों ने हमेशा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और नियुक्तियों में रोड़ा अटकाने की कोशिश की, लेकिन न्यायपालिका ने सरकार के नीतिगत निर्णयों पर मुहर लगाकर यह साबित कर दिया कि सच्चाई को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियुक्ति प्रक्रिया के साथ-साथ जांच भी जारी रहेगी, जो भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति को दर्शाता है। झारखंड छात्र मोर्चा राज्य के युवाओं को आश्वस्त करता है कि हेमंत सोरेन सरकार हर योग्य हाथ को काम देने और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है।

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