भास्कर न्यूज | गढ़वा उपायुक्त दिनेश यादव ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों की समस्याएं बारी-बारी से सुनी गईं। उपायुक्त ने प्राप्त शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। जनसुनवाई के दौरान राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन, बकाया मजदूरी भुगतान सहित 63 आवेदन प्राप्त हुआ। उपायुक्त ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनसुनवाई में एक गंभीर मामला भवनाथपुर प्रखंड से सामने आया, जहां मुन्नी देवी ने आवेदन देकर शिव शरण सेवा संस्थान अस्पताल के संचालक सह चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मानकों को पूरा नहीं करता है। इलाज के दौरान लापरवाही के कारण मकरी गांव निवासी ईंदू देवी की मृत्यु हो गई। आरोप है कि चिकित्सक द्वारा मरीज की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं दी गई और इलाज के नाम पर पैसे की उगाही की गई। मृत्यु के बाद चिकित्सक के फरार हो जाने की भी शिकायत की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने बंशीधर नगर एसडीओ को जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। साथ ही जिला बाल संरक्षण इकाई को मृतका के बच्चों को सभी सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने को कहा गया। डंडई प्रखंड निवासी ललन मेहता ने अबुआ आवास योजना की दूसरी किस्त नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि प्रथम किस्त से प्लिंथ लेवल तक कार्य पूरा कर लिया गया है, परंतु दूसरी किस्त के अभाव में निर्माण कार्य बाधित है। वहीं सगमा प्रखंड के घघरी गांव निवासी आदरमनी देवी ने वृद्धावस्था पेंशन चालू कराने का आग्रह किया। मेराल प्रखंड के बना निवासी रामनाथ प्रजापति ने मनरेगा अंतर्गत कूप निर्माण कार्य की सामग्री भुगतान राशि लंबित रहने की शिकायत की। जनसुनवाई के अंत में उपायुक्त दिनेश यादव ने सभी मामलों पर संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिया है। ताकि आमजनों को राहत मिल सके।


