मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से बीकानेर को दिए गए 100 करोड़ ड्रेनेज वाले मामले में अब कुछ आगे तो बढ़ा है, मगर सवाल अभी भी पूछे ही जा रहे हैं। वित्त विभाग ने निगम को पत्र भेजकर सवाल पूछा है कि जो 59 करोड़ रुपए दिए जाएंगे, क्या उसमें काम पूरा हो जाएगा। निगम ने जवाब में कहा है कि जो काम हाथ में लिया गया है, वह हो जाएगा। दरअसल, सीएम ने अपने पहले बजट में बीकानेर शहर को 100 करोड़ रुपए ड्रेनेज ठीक करने के लिए दिए थे। बाद में वित्त विभाग ने इसे काटकर 59 करोड़ कर दिया। पांच महीने पहले टेंडर हो गए, लेकिन फाइल यूडीएच और वित्त विभाग के ही चक्कर लगा रही है। भास्कर ने मुद्दा उठाया तो जयपुर के एक विधायक और कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने सीएम के सामने इसका मामला रखा। उसके बाद ही सीएम के प्रमुख सचिव अखिल अरोड़ा ने भी इसमें संज्ञान लिया। तब जाकर जयपुर में सक्रियता आई। वित्त विभाग ने एक दिन पहले ही निगम को पत्र लिखकर पूछा था कि जो 59 करोड़ से जो काम सुझाए गए हैं, क्या उस राशि से ये काम पूरे हो जाएंगे। निगम ने जवाब दिया और कहा कि हां, जो काम हाथ में लिए गए हैं, वे इतने पैसे में हो जाएंगे, मगर पूरे शहर का अगर ड्रेनेज ठीक करना है तो उसके लिए 222 करोड़ की डीपीआर बनी है। मगर 59 करोड़ से पांच काम ही हाथ में लिए गए हैं और ये काम इस राशि से हो जाएंगे। 59 करोड़ से होने वाले संभावित काम गंगाशहर में एक पंपिंग स्टेशन बनेगा, जिससे नाले का पानी एसटीपी पर जाएगा और पानी साफ होकर दूसरे कामों में उपयोग होगा। इससे सुजानदेसर में जमा होने वाले गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान होगा। दूसरा काम वल्लभगार्डन में एकत्र होने वाले गंदे पानी के समाधान का होगा। यहां हर साल बारिश में पाल टूटने से कई कॉलोनियों में पानी भर जाता है। हालात ऐसे होते हैं कि लोगों को रेस्क्यू करना पड़ता है। कई सालों से यह समस्या है और निगम ने यह काम अपने हाथ में लिया है। इसके अलावा और भी छोटे काम हैं। “वित्त विभाग ने जो भी जानकारी मांगी थी, उसका जवाब दे दिया गया है। हमने आश्वस्त कर दिया है कि जो काम हाथ में लिए हैं, जिनका टेंडर किया गया है, उसके लिए कोई अतिरिक्त राशि नहीं मांगी जाएगी।” -मयंक मनीष, कमिश्नर, नगर निगम


