MP में पारा@2°C…कोहरा-सर्द हवाओं ने जकड़ा:भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा; आज आधा प्रदेश कोहरे के आगोश में

मध्यप्रदेश में तेज सर्दी है। आधे से ज्यादा हिस्से में घना कोहरा छा रहा है तो कई जिलों में कोल्ड वेव (शीतलहर) और कोल्ड डे (ठंडा दिन) का असर भी है। इससे रात का पारा रिकॉर्ड 2 डिग्री पर पहुंच गया है। वहीं, भोपाल में जनवरी की सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। इंदौर, रायसेन, ग्वालियर और नर्मदापुरम के स्कूलों की बुधवार को भी छुट्‌टी रहेगी। आज भी आधे से ज्यादा हिस्से में कोहरा छा रहा है। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में विजिबिलिटी काफी है। वहीं, भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सीहोर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, मैहर में भी कोहरे का असर देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में कोल्ड वेव चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले भी शाजापुर, शहडोल, सिवनी, मंदसौर और सीहोर में शीतलहर का प्रभाव रहा। वहीं, भोपाल-राजगढ़ में तीव्र शीतलहर चली। भोपाल, विदिशा, सीहोर, शाजापुर व नरसिंहपुर में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। इंदौर, रायसेन-नर्मदापुरम में आज भी स्कूलों की छुट्‌टी
पिछले 3 दिन से प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस वजह से इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, शाजापुर, विदिशा, ग्वालियर, अशोकनगर, रायसेन, आगर-मालवा, भिंड, टीकमगढ़, हरदा, नीमच, रतलाम, राजगढ़, मंडला, जबलपुर, दमोह, डिंडौरी, नर्मदापुरम, झाबुआ, छतरपुर, सीधी, बैतूल समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्‌टी घोषित कर दी गई थी। इंदौर, रायसेन, ग्वालियर और नर्मदापुरम के स्कूलों की बुधवार को भी छुट्‌टी रहेगी। वहीं, भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद ही खुले रहेंगे। हालांकि, तेज ठंड का असर बरकरार है। ऐसे में बच्चों को स्कूलों में पहुंचने में दिक्कतें होंगी। भोपाल में 3.8 डिग्री पहुंचा, कई जिलों में घना कोहरा
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार सुबह दतिया में घना कोहरा दर्ज किया गया। यहां पर विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। ग्वालियर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, खजुराहो, भोपाल, रायसेन, नौगांव, रीवा, गुना, नर्मदापुरम, मंडला, सतना, उज्जैन, श्योपुर, रतलाम, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, सीधी समेत कई शहर घने कोहरे की आगोश में रहे। इस वजह से दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की रफ्तार भी थम गई है। मालवा, सचखंड जैसी कई ट्रेनें 6 घंटे तक लेट हो गई। दूसरी ओर, राजगढ़ में सबसे कम 2 डिग्री तापमान रहा। शहडोल के कल्याणपुर में 2.8 डिग्री, शाजापुर में 3.7 डिग्री, मंदसौर में 3.8 डिग्री, सीहोर में 3.9 डिग्री, रीवा में 4 डिग्री, खजुराहो में 4.4 डिग्री, उमरिया में 4.6 डिग्री और मंडला में 4.9 डिग्री पहुंच गया। भोपाल में एक ही रात में तापमान में 5.6 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 3.8 डिग्री पर आ गया। यह पिछले 10 साल में सबसे कम रहा। साल 2015 से अब तक कभी भी न्यूनतम तापमान इतना नीचे नहीं गया। इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 7.3 डिग्री, उज्जैन और जबलपुर में तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एमपी में दिन भी ठंडे…दतिया में 17.6 डिग्री पहुंचा पारा
मध्यप्रदेश में रात के साथ दिन भी ठंडे हैं। शीतलहर चलने से यह स्थिति बनी रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दतिया में पारा सबसे कम 17.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, श्योपुर में तापमान 18.2 डिग्री, नौगांव में 18.5 डिग्री, ग्वालियर में 18.9 डिग्री, खजुराहो में 20.4 डिग्री, रीवा-टीकमगढ़ में 20.6 डिग्री, नरसिंहपुर-मलाजखंड में 21 डिग्री, पचमढ़ी-सीधी में 21.6 डिग्री, भोपाल-दमोह में 21.8 डिग्री और रतलाम-गुना में 22.4 डिग्री दर्ज किया गया। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर
इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था।
24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।

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