नमस्कार सर्दियां पीक पर हैं और चोर जान हथेली पर रखकर वारदातें कर रहे हैं। कोटा में एक चोर ऐसी जगह फंसा कि चर्चा में आ गया। सीकर में कार्यकर्ता गर्मजोशी दिखा रहे थे। राष्ट्रीय महामंत्री जी ने पंखा बंद करा दिया। उदयपुर में किसानों को यूरिया के कट्टे नहीं मिले तो गधों की शामत आ गई। सवाई माधोपुर में खोया हुआ दिल आखिरकार मिल गया, कई दिन से तलाश जारी थी। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. चोरी करने घुसा, छेद में फंसा चोर उसे चक्रव्यूह को भेदना तो आता था, लेकिन चक्रव्यूह से निकलना नहीं आता था। बात अभिमन्यु की नहीं है। पवन बैरागी की है। वह शातिर चोर है। इस समय चोरी का सीजन चल रहा है। पारा गिरने के अनुपात में सीजन ऊपर चढ़ता है। चोरी करने के लिए उसने खूब दिमाग लगाया। वह सामान्य चोर उचक्कों की तरह बॉडी पर तेल लगाकर अंधेरी गलियों में नहीं घूमा। बल्कि कार पर पुलिस का स्टिकर लगाकर चोरी करने निकला। कार में और भी साथी चोर थे। एक जगह उसे चोरी के लिए उपयुक्त मकान मिला। मकान मालिक देवदर्शन करने गए थे। चोर पार्टी मकान में दाखिल हुई। सेंध की जगह तलाशी जा रही थी। चोर को रसोई में एग्जॉस्ट फैन के लिए छोड़ा छेद दिखा। वह छेद में घुस गया। पेट तक पहुंचने के बाद उसकी हालत हिरण्यकश्यप जैसी हो गई। न अंदर का रहा, न बाहर का। न छत का रहा, न जमीन का। जाग हुई तो साथी भाग गए। चोर छेद में फंसा रह गया। पुलिस पहुंची। बड़ी मशक्कत के बाद चोर को ‘चक्रव्यूह’ से निकाला जा सका। 2. राष्ट्रीय महामंत्री का गर्मजोशी से स्वागत पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सीकर आए। कार्यकर्ताओं का ‘हाऊ द जोश..हाई सर।’ पूरे शहर में बड़े-बड़े पोस्टर लगा दिए गए। ढोल नगाड़ों का फुल इंतजाम। मंडी से तमाम फूल खरीद लिए गए। महामंत्री जी को माला पहनाने के लिए कार्यकर्ताओं ने क्रेन मंगाई। इसके बाद जेसीबी में भर-भरकर फूल बरसाए। महामंत्री जी खुश। कार्यकर्ताओं की गर्मजोशी देखते ही बन रही थी। स्वागत सत्कार के बाद महामंत्री जी मीडिया को संबोधित करने हॉल में पहुंचे। गर्मजोशी का लेवल ये कि 8 डिग्री तापमान में भी कमरे में पंखे चल रहे थे। बल्कि पूरी गति से घूम रहे थे। कार्यकर्ताओं की इतनी ‘गर्मी’ महामंत्री जी से सहन नहीं हुई। उन्होंने कहा-अरे भाई पंखा तो बंद कर दो। आदेश का पालन हुआ। पंखा बंद कर दिया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करने वे सभागार पहुंचे, जहां भारत माता की जय के नारे लगे। कुछ देर बाद अंधेरा छा गया। एक कार्यकर्ता बोला- लगता है लाइट चली गई। 3. यूरिया की कमी गधों की शामत उदयपुर में दो गधों की डायबिटीज चेक करने की सख्त दरकार है। इन गधों को जमकर गुलाबजामुन खिलाए गए। गधों ने सिर हिलाकर मुंह दूसरी दिशा में घुमाया लेकिन किसानों ने जबरन चार-चार गुलाबजामुन मुंह में ठूंस दिए। किसानों को यूरिया खाद के कट्टे नहीं मिल रहे। खाद की किल्लत है। कृषि विभाग के दफ्तर के बाहर किसान जुटे। खूब नारेबाजी की। फिर विरोध का धार देने के लिए गधों का इंतजाम हुआ। हालांकि गधों को यूरिया वाली घास की जरूरत नहीं है। बल्कि उन्हें ऐसी घास चाहिए जो जैविक खाद से पैदा हुई हो। या फिर नदी तालाब किनारे उगी कैसी भी घास वे चाव से खा लेते हैं। इस मामले में वे खास ‘चूजी’ नहीं होते। बेर-झाड़ खा लेते हैं। सूखा भूसा खा लेते हैं। दालान की, मैदान की, गोचर की, ओरण की, पहाड़ की, तिहाड़ की…कैसी भी घास उन्हें चल जाती है। लेकिन गुलाबजामुन उन्हें हजम होंगे या नहीं इसकी परवाह किए बिना उन्हें घसीटकर आंदोलन में शामिल कर दिया गया। गले में फूल मालाएं डाल दी गईं। गधादेव के जयकारे लगाए गए। खुर छूकर आशीर्वाद लिया गया। यहां तक तो सब ठीक था। लेकिन आपत्ति तब हुई जब गधों की तुलना अफसरों से की गई। एक गधे ने दूसरे गधे से कहा- भाई, ये बर्दाश्त नहीं हो रहा। हम दिन-रात ईमानदारी से मेहनत करते हैं। इसके बावजूद ये लोग हमें अफसर कह रहे हैं। तुम कहो तो दुलत्ती झाड़ दूं? इतनी देर में एक पुलिसकर्मी वहां आया। उसे गधों की दशा पर तरस आया। उसने किसानों से कहा-बहुत हुआ। गधों को फ्री करो और शांति से ज्ञापन दे दो। 4. चलते-चलते.. मामला दिल चुराने का था। सारे शहर में हड़कंप मच गया। क्योंकि दिल शहर का ही चोरी हुआ था। दरअसल गंगापुर सिटी (सवाई माधोपुर) में ‘आई लव गंगापुर सिटी’ नामक एक सेल्फी पॉइंट बनाया गया था। इसमें लव के स्थान पर सहूलियत के लिए दिल का डिजाइन लगा दिया गया था। नए साल का हुल्लड़ अभी थमा भी नहीं था कि लोगों ने देखा कि गंगापुर सिटी सिर्फ ‘आई’ के साथ खड़ा है। लव गायब। एक संस्था ने बात पुलिस के कानों तक पहुंचा दी। पुलिस को दिल चोरी होने के मामलों में वैसे तो कोई खास दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन बात शहर की भावना से जुड़ी थी, इसलिए सीसीटीवी खंगाले। फुटेज में दो लड़के दिल से खेलते दिखे। फिर दिल तो खींचा-मोड़ा। फिर दिल तोड़ा-उखाड़ा। इसके बाद जब उनका मन दिल से भर गया तो उन्होंने उसे तोड़कर नहर में फेंक दिया। हालांकि इस तरह की वारदातें आजकल सचमुच के दिलों के साथ भी हो रही हैं। लेकिन पुलिस का फोकस फुटेज के उस हिस्से पर था, जहां लड़कों ने दिल को पानी में फेंका था। बात लोगों तक पहुंची तो एक दिलेर नागरिक जिनका नाम कल्ला जी है, वे नहर के ठंडे पानी में कूदे और दिल के टुकड़े निकाल लाए। शहर के लोगों ने माला पहनाकर तालियों से उनका स्वागत किया और फिर शरीर तापने के लिए आग का इंतजाम करने लगे। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…


