राज्य के चार जिलों में डोनर ह्यूमन मिल्क बैंक की स्थापना होनी है। इनमें रांची, बोकारो, दुमका और हजारीबाग जिले शामिल हैं। करीब डेढ़ साल पहले भी ह्यूमन मिल्क बैंक की योजना शुरू करते हुए टेंडर निकाला गया था, लेकिन किसी कारणवश प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया शुरू की है। तीन दिन पूर्व झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन िलमिटेड द्वारा डोनर ह्यूमन मिल्क बैंक के लिए टेंडर जारी किया है। इसमें मिल्क बैंक के पूरे सेटअप, उपकरण इंस्टॉलेशन, सप्लाई कैलिब्रेशन और ट्रेनिंग शामिल हैं। टेंडर की प्रक्रिया 60 दिनों में पूरी करनी है। जबकि िबड सबमिशन 31 जनवरी से शुरू होगी और इसकी आखिरी तारीख 6 फरवरी 2025 निर्धारित की गई है। जबकि इसका टेक्निकल िबड 7 फरवरी को खोला जाना है। बताते चलें कि राज्य में पायलट प्रोजेक्ट के तहत डोनर ह्यूमन मिल्क बैंक की स्थापना रांची, बोकारो, दुमका तथा हजारीबाग में प्रस्तावित है। इन जिलों में इसकी सफलता के बाद इस योजना को राज्य के अन्य जिलों में लागू किया जाएगा। नवजात को मां की दुध के समान सुरक्षित दुध उपलब्ध कराने उद्देश्य… नवजात शिशुओं को अपनी मां के दूध के समान सुरक्षित दूध उपलब्ध कराना इस योजना का उद्देश्य है। इसके तहत मिल्क बैंक की स्थापना से लेकर दूध की जांच तथा मिल्क बैंक में काम करने वाले कर्मियों के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र को दी जाएगी। विशेषज्ञ स्त्री रोग विशेषज्ञ ने बताया कि डोनर मिल्क बैंक में नवजात शिशुओं के लिए मां का सुरक्षित दूध स्टोर किया जाता है। इसके माध्यम से उन नवजात शिशुओं को मां का दूध उपलब्ध कराया जाता है, जिनकी मां किसी कारणवश स्तनपान कराने में असमर्थ होती हैं।


