मप्र में लोक निर्माण विभाग के डेढ़ इंजीनियरों को एक बार फिर प्रशिक्षण के लिए एक साथ बुलाने की तैयारी है। विभागीय मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर 10 जनवरी को प्रदेश के डेढ़ इंजीनियरों की रवींद्र भवन में केपेसिटव बिल्डिंग फ्रेमवर्क पर ट्रेनिंग कराई जाएगी। इसमें प्रबंधन सलाहकार विक्रांत सिंह तोमर इंजीनियरों को केपेसिटव बिल्डिंग फ्रेमवर्क पर संबोधित करेंगे। इसके साथ सड़क व हाईवे प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होने वाला हाइब्रिड एनुएटी मॉडल (एचएएम) की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें सिखाया जाएगा कि कैसे पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर काम किया जाता है। इसमें बताया जाएगा कि कैसे ठेकेदारों को समय पर भुगतान हो। बैंकों को लोन देने का भरोसा कैसे दिलाया जाए। सरकार पर एकमुश्त बोझ नहीं पड़े, इसके लिए क्या कर सकते हैं। इसमें ट्रेनिंग प्रोग्राम में प्रत्येक परिक्षेत्र से 100 इंजीनियर, जिनमें चीफ इंजीनियर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, एसडीओ और सब इंजीनियर शामिल रहेंगे। वहीं चीफ इंजीनियर ब्रिज परिक्षेत्र भोपाल से 150 इंजीनियर, चीफ इंजीनियर राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र भोपाल से 100 इंजीनियर, चीफ इंजीनियर भवन पीआईयू से 350 इंजीनियर, एमपीआरडीसी से 100 इंजीनियर और एमपी बिल्डिंग डेवलपमेंट कार्पोरेशन से 100 इंजीनियर शामिल होंगे। इधर, इंजीनियर ट्रेनिंग से दूरी बनाने की तैयारी में हालांकि इस दिन कई इंजीनियरों के द्वारा इससे दूरी बनाए जाने की भी तैयारी है। यह लोग औचक निरीक्षण को लेकर बुधवार को विभाग के प्रमुख सचिव से मिलने की तैयारी में है। प्रतिनिधि मंडल में शामिल इंजीनियरों का कहना है कि यदि हमारी बातें नहीं मानी गई तो हम ट्रेनिंग में तो आएंगे, लेकिन शामिल नहीं होंगे।


