मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में बुरहानपुर जिले में 2600 करोड़ रुपए लागत की दो नई सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासकीय मंजूरी मिल गई। इनसे बुरहानपुर व नेपानगर विधानसभा क्षेत्रों में 22 हजार 600 आदिवासी परिवारों की 51 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन सिंचिंत होगी। इनमें बुरहानपुर की खकनार तहसील में 922.91 करोड़ लागत की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना और नेपानगर तहसील मेंस 1676.6 लाख करोड़ की नावथा वृहद सिंचाई परियोजना लागत शामिल है। झिरमिटी प्रोजेक्ट से खकनार तहसील के 42 गांव की 17,700 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी, 11,800 किसानों परिवारों को लाभ मिलेगा। वहीं नवादा सिंचाई प्रोजेक्ट से नेपानगर तहसील के 90 गांवों की 34,100 हेक्टेयर जमीन सिंचिंत होगी। 22,600 किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। कैबिनेट बैठक से पहले सभी मंत्रियों को टेबलेट देते हुए ई-कैबिनेट एप्लीकेशन पर काम करने का प्रजेंटेशन दिया गया। सीएस अनुराग जैन ने यह प्रजेंटेशन दिया। जैन ने बताया कि 1960 से लेकर 2025 तक की सभी कैबिनेट बैठकों के निर्णय इस एप्लीकेशन पर डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध हैं। इक्विटी शेयर लेकर नर्मदा घाटी से जुड़े दो प्रोजेक्ट सरकारी कंपनी को सौंपेगी सरकार राज्य सरकार अपने दो लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट को सरकारी कंपनी नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड (एनबीपीसीएल) को सौंपेगी। कैबिनेट ने नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्यीय और बदनावर लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट का वित्त पोषण व मेंटेनेंस का जिम्मा एनबीपीसीएल को सौंपने का निर्णय लिया है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) द्वारा शुरू किए गए इन दोनों प्रोजेक्ट को एनबीपीसीएल पूरा कराएगी। दोनों प्रोजेक्ट का मालिकाना हक भी एनबीपीसीएल के पास ही होगा। दोनों प्रोजेक्ट के लिए राज्य के बजट से खर्च की गई राशि के बराबर इक्विटी शेयर कंपनी की ओर से राज्य शासन को जारी किए जाएंगे। प्रोजेक्ट से जो भी राजस्व या आमदनी होगी, उस पर अब एनबीपीसीएल का हक होगा। नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना की लागत 2,489.65 करोड़ व बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना की 1,520.92 करोड़ है। मार्च 2028 तक के लिए बढ़ी पीएम जनमन योजना मंत्रिमंडल ने प्रदेश में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) योजना की अवधि 31 मार्च 2028 तक के लिए बढ़ा दी है। मप्र ग्रामीण सड़क विकास निगम की इस योजना की अवधि 31 मार्च 2026 को खत्म हो रही थी। अब इस योजना में अनुमानित 795.45 करोड़ रुपए खर्च कर 22 आदिवासी जिलों में 1,039 किमी सड़क निर्माण व 112 पुलों का निर्माण किया जाएगा। यह योजना प्रदेश में निवास करने वाली तीन संकटापन्न जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया के लिए लागू है। पीएम ग्रामीण सड़क योजना मार्च 2031 तक मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को भी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसका अवधि भी 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रही थी। इस योजना में अगले पांच साल में 17,196.21 करोड़ रुपए खर्च कर 20 हजार किलोमीटर सड़क और 1200 पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही सड़कों रिनोवेशन और अपग्रेडेशन की योजना को भी 31 मार्च 2031 तक बढ़ा दिया गया है। इसमें 88517 किलोमीटर की ग्रामीण सड़कों की मरम्मत की मरम्मत पर 10196.42 करोड़ रुपए लागत आएगी।


