भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन शहरों में चल रही सिटी बसों की अब आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों तक सीधी पहुंच बनने वाली है। कैबिनेट ने मप्र मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 की धाराओं में संशोधन को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब सिटी से उपनगरीय क्षेत्रों तक जाने वाली यात्री बसों को प्रति सीट प्रतिमाह अब सिर्फ 50 रुपए टैक्स देना होगा। पहले यह 150 रुपए था। यानी, भोपाल से सिटी बस अब मंडीदीप, फंदा, दीवानगंज आदि जगहों पर सीधे जा सकेंगी। परिवहन विभाग इन छोटे रूट को भी अधिसूचित करेगा। विभाग का कहना है कि अभी सिटी के भीतर प्रति सीट प्रतिमाह 30 रुपए लगता था और बाहर यह राशि 150 रुपए हो जाती थी। लेकिन, यह राशि अब एक तिहाई (50 रुपए प्रति सीट प्रतिमाह) होगी। साफ है कि उपनगरीय क्षेत्र की कॉलोनी/बसाहट/संस्थानों तक बसें पहुंचेंगी। इसके अलावा अस्थाई परमिट की मानसिकता को कम करने के लिए कुछ प्रावधान सख्त कर दिए गए हैं। यानी, पहले अस्थाई परमिट के लिए 100 किमी तक 200 रुपए प्रति सीट प्रतिमाह टैक्स का प्रावधान था। इसके बाद के प्रति 10 किमी पर 12 रुपए प्रति सीट प्रतिमाह देने पड़ते थे। अब अस्थाई परमिट लेने पर पहले 100 किमी पर 200 रुपए प्रति सीट प्रतिमाह के अलावा शुरुआत से ही प्रति दस किमी पर 12 रुपए प्रति सीट प्रतिमाह देने होंगे। विभाग का कहना है कि अभी तक एक माह का अस्थाई परमिट लेकर ऑपरेटर तीन-चार माह या इससे ज्यादा वक्त तक भी बसों का संचालन करते थे। अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। अस्थाई परमिट पर टैक्स 20 से 25% बढ़ जाएगा। ये बड़े बदलाव भी :


