धूल के महीन कण पीएम-2.5 की मात्रा बढ़कर 60 से 100 के बीच पहुंची नए साल के शुरुआती दिनों में शहर की आबोहवा ग्रीन से रेड-यलो जोन में पहुंच गई है। चौंकाने वाली बात है हमेशा ग्रीन जोन में रहने वाला एयरपोर्ट जोन रेड-यलो में ट्रेंड कर रहा है। 1 जनवरी को एयरपोर्ट व छोटी ग्वालटोली का एक्यूआई 319 व 352 दर्ज किया गया। पिछले साल यह 110 व 160 था, इस बार हवा तीन गुना खराब हो गई। रविवार को भी यह 100 या इससे ज्यादा बना हुआ था। विशेषज्ञ एयरपोर्ट क्षेत्र की आबोहवा में आए बदलाव को लेकर चकित हैं, क्योंकि पिछले साल इस क्षेत्र का एक्यूआई ग्रीन जोन में था। प्रारंभिक अध्ययन के मुताबिक इसका बड़ा कारण क्षेत्र में चल रही निर्माण गतिविधियां, सुपर कॉरिडोर के आसपास बढ़ती आबादी व वाहनों की संख्या बढ़ना है। धूल व धुएं के कण (पीएम 2.5) बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। गैसों की मात्रा में भी बढ़ोतरी का ट्रेंड मिल रहा है। ये हैं आठ केंद्र एयरपोर्ट, विजय नगर, मेघदूत, रीजनल पार्क नगर निगम, पोलोग्राउंड, रेसीडेंसी, छोटी ग्वालटोली रीगल व सांवेर रोड। तीन से चार केंद्र ही चल रहे शहर में प्रदूषण विभाग, नगर निगम 8 स्थानों पर प्रदूषण का मापन करता है। इनके औसत के आधार पर सालाना आकलन किया जाता है। वर्तमान में इन आठ केंद्रों में से 4 केंद्र तो बंद हैं। नियमित मापन भी कभी 3 तो कभी 4 केंद्रों पर किया जा रहा है। खराब मौसम में सावधानी बरतें हालांकि वर्तमान स्थिति के लिए मौसम की खराब स्थिति भी जिम्मेदार है। बीते चार दिनों से हवा स्थिर है। कोहरा लगातार हो रहा है। सोमवार को दिन में ठंडी हवा चलने से इसमें गिरावट देखी गई है। मौजूदा स्थिति में मॉर्निंग वॉकर, श्वास रोगी और हार्ट रोगियों को सावधानी बरतना चाहिए। हवा में पीएम 2.5 की मौजूदगी से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, क्योंकि यह कण सीधे फेफड़ों व श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं।


