सीहोर जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का दौर जारी है। यहां न्यूनतम तापमान गिरकर 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। ठंड का असर इतना ज्यादा है कि खेतों में फसलों और पौधों पर ओस की बूंदें जमने लगी हैं। ग्राम बिजोरी से आई तस्वीरों में पौधों पर बर्फ की सफेद परत साफ देखी जा सकती है। उत्तरी हवाओं के कारण ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है। सीजन में तीसरी बार 4 डिग्री से नीचे आया पारा
यह इस सीजन में तीसरी बार है जब तापमान इतना नीचे आया है। इससे पहले 17 दिसंबर को 3.9 डिग्री और 28 दिसंबर को 3.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था। आंकड़ों की तुलना करें तो पिछले साल 8 जनवरी को न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। दिसंबर माह में भी सीहोर का न्यूनतम तापमान लगातार 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ था। कोहरा छंटा, लेकिन बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
जिले में उत्तर दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण ठंड में बढ़ोतरी हुई है। पिछले दो दिनों से आसमान साफ है और कोहरा नहीं छाया है, लेकिन शीत लहर का प्रकोप बना हुआ है। जनवरी की शुरुआत में घना कोहरा छाया था, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई थी। अब कोहरा छंटने के बाद ठंड का असर तीखा हो गया है। फसलों पर जम रही ओस, शीत लहर की चपेट में जिला
उत्तरी ठंडी हवाओं के कारण पूरा सीहोर जिला शीत लहर की चपेट में है। इस कड़ाके की ठंड के प्रभाव से फसलों और छोटे पौधों पर ओस की बूंदें जम रही हैं। तापमान में लगातार गिरावट से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इससे फसलों में पाला लगने की संभावना बनी रहती है।


