शिवपुरी जिले के पोहरी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत भटनावार के मठ गांव में हैंडपंप का दूषित पानी पीने से एक युवक की तबीयत बिगड़ गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सूचना मिलने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय हैंडपंप पर केवल “पानी पीने योग्य नहीं है” का नोटिस चिपकाकर लौट गई। विभाग के इस रवैये से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में पेयजल का एकमात्र स्रोत यही हैंडपंप था। इसी का पानी पीने से रोहित पुरी गोस्वामी बीमार हुए थे। अब हैंडपंप के उपयोग पर रोक लगने और वैकल्पिक व्यवस्था न होने से लोग पीने के पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों को सिर्फ चेतावनी देने के बजाय शुद्ध पानी की व्यवस्था करनी चाहिए थी। सरपंच बोले- शिकायत के बाद भी नहीं सुधारे हैंडपंप
दुलारा पंचायत के सरपंच दिनेश धाकड़ ने विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पूरी पंचायत में कई हैंडपंप खराब पड़े हैं। कुछ हैंडपंपों में पाइप बढ़ाने से पानी निकल सकता है, लेकिन इस संबंध में दी गई कई लिखित शिकायतों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अफसर बोले- एसडीओ को भेजकर जांच कराएंगे
मामले में PHE विभाग के कार्यपालन यंत्री शुभम गुप्ता ने कहा कि दुलारा पंचायत और मठ गांव में जांच के लिए एसडीओ को भेजा जाएगा। जांच के बाद पेयजल समस्या के समाधान के लिए व्यावहारिक विकल्पों पर विचार कर ग्रामीणों को राहत दी जाएगी।


