गुना में लगातार चौथे दिन कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप जारी है। बुधवार सुबह शहर में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) घटकर महज 20 मीटर रह गई। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात इस सीजन की अब तक की सबसे सर्द रात रही, जब न्यूनतम तापमान गिरकर 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में पारे में 1 डिग्री की गिरावट आई है। प्रशासन ने स्कूलों में पहले ही छुट्टी घोषित कर दी है, लेकिन सुबह 10 बजे तक लोगों को चुभने वाली ठंड का अहसास होता रहा। 24 घंटे में 1 डिग्री लुढ़का पारा
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को जिले का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस था। पिछले 24 घंटों के भीतर इसमें 1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और बुधवार सुबह यह 6.4 डिग्री पर आ गया। यह इस सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर है। तापमान में आई इस अचानक गिरावट ने पूरे जिले में ठिठुरन बढ़ा दी है। नमी 97% पहुंची, रेडिएशन कूलिंग से बढ़ी ठंड
तापमान गिरने के साथ ही सुबह के समय हवा में नमी (आर्द्रता) का स्तर 97% तक पहुंच गया है। ओस का असर भी साफ दिखाई दे रहा है। आसमान साफ होने और बादल न होने के कारण रात के समय ‘रेडिएशन कूलिंग’ का प्रभाव बढ़ गया है, जिससे सर्दी का तीखापन महसूस हो रहा है। रात के अंतिम पहर और सुबह हल्का कोहरा छाने से दृश्यता पर असर पड़ रहा है, लेकिन दिन चढ़ने पर धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल रही है। गेहूं-चने को फायदा, लेकिन पाले का डर
आसमान साफ होने से दिन में भले ही सूरज की तपिश महसूस हो रही हो, लेकिन शाम होते ही बर्फीली हवाएं लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर रही हैं। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। कृषि जानकारों के अनुसार, यह ठंड रबी की फसलों, खासकर गेहूं और चने के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि, लगातार गिरता पारा फसलों में पाला पड़ने की आशंका भी बढ़ा रहा है। अगले 2-3 दिन और गिर सकता है तापमान
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी दो-तीन दिनों तक आसमान इसी तरह खुला रहेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में और भी गिरावट आ सकती है। प्रशासन ने बुजुर्गों और बच्चों को ठंड के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।


